
नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख में गालवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने की बात कही जा रही है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक घायलों की संख्या बढ़ सकती है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, इस घटना में चीनी सेना के 43 सैनिक हताहत हुए हैं। इसमें से कुछ की मौत हो गई है और कुछ जख्मी हुए हैं। इससे पहले झड़प में 3 भारतीय सैनिकों के शहीद होने की खबर आई थी। कहा जा रहा था कि झड़प में चीन के भी कई सैनिक मारे गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीनी सैनिकों ने कील लगी लाठी से जवानों पर हमला किया।
पीएम आवास पर सीसीएस की बैठक खत्म
प्रधानमंत्री आवास पर सीसीएस की बैठक खत्म हो गई है। इसमें गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी मौजूद थे। पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की बैठक जारी है।
हिमाचल में सीमा पर अलर्ट जारी
हिंसक झड़प की घटना को देखते हुए हिमाचल प्रदेश में भी चीन के सीमावर्ती क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। हिमाचल पुलिस ने सूबे की खुफिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। किन्नौर और लाहौल स्पीति के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। वहीं आईटीबीपी के जवानों के अतिरिक्त हिमाचल पुलिस के सिपाहियों को भी तैनात किया जाएगा।
बातचीत करने पहुंचे थे कर्नल संतोष, तभी शुरू हुई झड़प
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले बॉर्डर कमांडर की बैठक हुई, उसमें तय हुआ कि PP14-15-17 पर चीन LAC के उस ओर जाएगा। लेकिन चीन के सैनिकों ने इसे मानने से इनकार कर दिया। भारत इसपर अपनी बात रख ही रहा था कि चीन के सैनिकों ने हमला कर दिया। चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों पर पत्थर से हमला किया। चीनी सैनिकों के पास लोहे के नाल, कीलें और लठ थे, जिससे उन्होंने भारत के सैनिकों पर हमला कर दिया।
झड़प में शहीद होने वाले 3 जवान कौन-कौन हैं?
1- कर्नल संतोष बाबू : पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीन के सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में भारत के तीन जवान शहीद हो गए। इसमें 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू भी थे। यह तेलंगाना के रहने वाले थे। सेना के सूत्रों ने पुष्टि करते हुए बताया कि कर्नल संतोष गलवान घाटी में पेट्रोलिंग प्वाइंट 14 के करीब हुई झड़प में शहीद हो गए।
2- शहीद कुंदन ओझा : झारखंड के रहने वाले शहीद कुंदन ओझा भी झपड़ में शहीद हो गए। वह 17 दिन पहले ही पिता बने थे। अभी तक बेटी का चेहरा भी नहीं देख पाए थे।
3- हवलदार पलानी : तीसरे शहीद का नाम हवलदार पलानी है।
चीन ने ऐसी धोखेबाजी क्यों की?
मंत्रालय ने साफ-साफ शब्दों में कह दिया कि 15 जून को देर शाम और रात को चीन की सेना ने वहां यथास्थिति बदलने की कोशिश की। यथास्थिति से मतलब है कि चीन ने एलएसी बदलने की कोशिश की। भारतीय सैनिकों ने रोका और इसी बीच झड़प हुई।
भारत की तरफ से आधिकारिक बयान क्या आया?
भारतीय सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया, गलवान घाटी में सोमवार की रात को डि-एस्केलेशन की प्रक्रिया के दौरान भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस दौरान भारतीय सेना के एक अफसर और दो जवान शहीद हो गए हैं। दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इस वक्त इस मामले को शांत करने के लिए बड़ी बैठक कर रहे हैं।
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