
नई दिल्ली. दिल्ली में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यहां लॉकडाउन में ढील के बाद 3500 नए केस सामने आए हैं। वहीं, इस दौरान 2500 लोग ठीक हुए हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दी।
उन्होंने बताया कि दिल्ली में कोरोना वायरस के कुल 13418 केस हैं, जिनमें से 6540 ठीक हो चुके है। 6617 अस्पताल में भर्ती हैं। लॉकडाउन में ढील देने के बाद 3500 मरीज बढ़े हैं और 2500 ठीक हो चुके हैं।
परिस्थितियां नियंत्रण में हैं- केजरीवाल
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा, "लॉकडाउन में ढील देने के हफ्ते बाद हमने परिस्थिति का आकलन किया, इससे हमने जाना कि परिस्थिति नियंत्रण में है। कोरोना होता रहे और मरीज ठीक होते रहें तो कोई दिक्कत नही है। हमारा मकसद मौतों को रोकना है।
दिल्ली में सिर्फ 11 वेंटिलेटर का हुआ इस्तेमाल
केजरीवाल ने बताया, दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में अभी 2500 बेड खाली हैं। लगभग 250 वेंटिलेटर में से सिर्फ 11 वेंटिलेटर का इस्तेमाल हुआ है। इसके अलावा 117 प्राइवेट अस्पतालों में 20% बेड्स कोरोना के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इसलिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
इलाज से मना नहीं कर सकते अस्पताल
इतना ही नहीं केजरीवाल ने प्राइवेट अस्पतालों को भी हिदायत दी है। उन्होंने कहा, अगर किसी अस्पताल में कोई भी कोरोना मरीज आता है तो ये अस्पताल की जिम्मेदारी है कि वो उसके इलाज का इंतजाम करे। अस्पताल मरीज को उसके हाल पर नहीं छोड़ सकते। उन्होंने कहा, एक प्राइवेट अस्पताल ने कोरोना पॉजिटिव मरीज का इलाज करने से मना कर दिया। सरकार ने उसके खिलाफ शो कॉज नोटिस भेजा है। अस्पताल से पूछा गया है कि उसका लाइसेंस क्यों ना रद्द किया जाए।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.