मन की बात: पीएम मोदी ने कहा- लॉकडाउन से ज्यादा अनलॉक में बरतें सावधानी, यही कोरोना से बचाएगी

Published : Jun 28, 2020, 03:29 PM IST
मन की बात: पीएम मोदी ने कहा- लॉकडाउन से ज्यादा अनलॉक में बरतें सावधानी, यही कोरोना से बचाएगी

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए जनता को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने लोगों से एक बार फिर मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने की अपील की।

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए जनता को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने लोगों से एक बार फिर मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा, लॉकडाउन से ज्यादा हमें अनलॉक में सावधानी बरतनी है। आपकी सतर्कता ही आपको कोरोना से बचाएगी। 

प्रधानमंत्री ने कहा, अगर आप मास्क नहीं पहनते और दो गज की दूरी का पालन नहीं करते या फिर अन्य सावधानियां नहीं बरतते तो आप अपने साथ साथ दूसरों को भी जोखिम में डाल रहे हैं। खास तौर पर अपने घर के बच्चों और बुजुर्गों को। इसलिए मेरी अपील है कि लापरवाही ना बरतें, अपना ख्याल रखें।

'कोई नहीं जानता था कोरोना संकट आएगा'
पीएम मोदी ने कहा, 6-7 महीने पहले हम कहां जानते थे कि कोरोना जैसा संकट आएगा और इसके खिलाफ इतनी लंबी लड़ाई चलेगी। ये संकट तो बना हुआ है। ऊपर से देश रोज नई चुनौतियों का सामना कर रहा है। अभी कुछ दिन पहले चक्रवात साइक्लोन आया। कितने राज्यों में हमारे भाई बहन टिड्डियों से परेशान हैं। वहीं, कुछ राज्यों में भूकंप के झटके भी आ रहे हैं। इन सबके बीच हम पड़ोसियों द्वारा मिल रहीं चुनौतियों से भी निपट रहे हैं।

भारत का इतिहास संकटों से निपटने का रहा है
पीएम ने कहा, भारत का इतिहास ही आपदाओं और चुनौतियों पर जीत कर ज्यादा निकलने का रहा है। सैंकड़ों सालों तक अलग अलग आक्रांताओं ने भारत पर हमला किया, लोगों को लगता था कि भारत की सरंचना नष्ट हो जाएगी। भारत की संस्कृति नष्ट हो जाएगी। इन संकटों से भारत और भी भव्य होकर सामने आया।

कोई साल खराब नहीं होता- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, अब लोगों में एक आम प्रश्न बन गया है कि ये साल कब बीतेगा। लोग यह चाहते हैं कि जल्द से जल्द ये साल खत्म हो जाए। मुश्किलें और संकट आते हैं। लेकिन आपदाओं के चलते हमें साल 2020 को क्या खराब मान लेना चाहिए। नहीं, बिल्कुल नहीं। एक साल में एक चुनौती आए या 50, नंबर कम आएं तो साल खराब नहीं हो जाता।

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