
अयोध्या. अयोध्या जमीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले की कॉपी रविवार को रामलला को सौंपी जाएगी। रामलला का पक्ष रखने वाले 93 साल के वकील के परासरन अपनी टीम के साथ अयोध्या पहुंचेगे और खुद कॉपी रामलला को देंगे। इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के बड़े नेता भी मौजूद होंगे।
इस दौरान वकीलों को सम्मान भी दिया जाएगा। 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह अयोध्या में सबसे बड़ा कार्यक्रम होगा।
2 दर्जन वकीलों की टीम जाएगी अयोध्या
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वरिष्ठ वकील केशव परासरण के साथ करीब 2 दर्जन वकीलों की टीम होगी। सम्मान समारोह के बाद सभी राम जन्मभूमि में दर्शन करने जाएंगे और वहीं, रामलला को फैसले की कॉपी सौंपेंगे। इसके बाद सभी वकील हनुमान गढ़ी के भी दर्शन करने जाएंगे।
अयोध्या जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि यह धन्यवाद कार्यक्रम 23 नवंबर को कारसेवकपुरम में होगा। इसमें चंपत राय और दिनेश चंद्र समेत वीएचपी के तमाम नेता मौजूद रहेंगे। इस कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की देखरेख करने के लिए तीन मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है।
रामलला को विवादित जगह का मालिकाना हक मिला
9 नवंबर को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई अध्यक्षता वाली बेंच ने विवादित जगह पर रामलला का मालिकाना हक बताया। साथ ही 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन मुस्लिम पक्ष को देने के लिए कहा। सुप्रीम कोर्ट ने तीन महीने के अंदर मंदिर निर्माण के लिए समिति बनाने का भी आदेश दिया है।
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