
नई दिल्ली: कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के मद्देनजर उच्चतम न्यायालय में सोमवार को वकीलों, याचिकाकर्ताओं और पत्रकारों की थर्मल जांच की गई। इस महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए कई कदम उठाने वाली शीर्ष अदालत ने एहतियाती तौर पर कुछ ही वकीलों, याचिकाकर्ताओं और पत्रकारों को ही अदालत कक्ष में आने की अनुमति दी है।
जांच के मद्देनजर प्रवेश द्वार पर स्वास्थ्य अधिकारियों के अलावा वकील, याचिकाकर्ता और पत्रकार पंक्तियों में खड़े नजर आए। प्रतिबंधित प्रवेश के कारण अदालत और परिसर में किन लोगों को जाने की अनुमति दी जाएगी, इस बात को लेकर अधिकारी थोड़े परेशान भी नजर आए।
अदालत कक्ष में भीड़ से बचा जा सके
अदालत में केवल उन वकीलों और याचिकाकर्ताओं को जाने की अनुमति दी गई, जिनके मामले आज सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं। उल्लेखनीय है कि शनिवार को उच्चतम न्यायालय की ओर से जारी परिपत्र में कहा गया था कि 16 मार्च को शीर्ष अदालत की 15 पीठों में से केवल छह पीठ ही सुनवाई करेंगी और अति आवश्यक प्रवृत्ति के केवल 12 मामलों की सुनवाई करेगी, ताकि अदालत कक्ष में भीड़ से बचा जा सके।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
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