
नई दिल्ली. कोरोनावायरस का कहर जारी है। चीन से निकला यह वायरस 66 देशों में फैल चुका है। अब तक कोरोनावायरस के पूरी दुनिया में 88000 केस सामने आए हैं। वहीं, मौतों का आंकड़ा 3000 पहुंच गया है। चीन में अकेले 80 हजार से ज्यादा संक्रमित पाए गए हैं। यहां 2912 लोगों की मौत चुकी है।
चीन के बाद द कोरिया कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां 4,000 से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए हैं। वहीं मौत के मामले में चीन के बाद ईरान सबसे ज्यादा प्रभावित है। ईरान में कोरोनावायरस के 1000 से ज्यादा केस सामने आए हैं। यहां 54 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, द कोरिया में 26 लोगों की मौत हुई है।
यूरोप में भी फैला कोरोनावायरस
उधर, यूरोप में भी कोरोनावायरस ने पैर पसार लिए हैं। इटली में 1700 केस सामने आए हैं। यहां 34 लोगों की मौत हो चुकी है। उधर, अमेरिका और फ्रांस में 2-2 लोगों की मौत हो चुकी है।
चीन में सोमवार को 200 नए केस सामने आए। यहां 42 लोगों की मौत हुई है। इससे मौत का आंकड़ा 2912 तक पहुंच गया है। सोमवार को वुहान में ही सारे केस सामने आए हैं। वुहान से ही कोरोनावायरस की शुरुआत हुई थी। चीन का यही प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित है।
चीन के प्रयासों की हो रही तारीफ
- चीन ने कोरोना से निपटने के लिए काफी काम किया है। यूएन ने भी उसकी तारीफ की है। इस सबसे कोरोना के प्रभाव में भी अब कमी आई है।
- कोरोना वायरस वुहान में सबसे पहले फैला, सबसे ज्यादा प्रभावित भी यही इलाका रहा। यहां पूरे चीन से 40 हजार मेडिकल कर्मी तैनात किए गए थे। वुहान में कुछ दिन में 2600 बेड का अस्पताल बनाया गया। इसके अलावा यहां स्टेडियम, फैक्ट्री, एग्जीबिशन वाली जगहों को अस्पताल में तबदील किया गया। वुहान में अकेले 16 अस्थाई अस्पताल बनाए गए थे।
चीन की अर्थव्यवस्था पर भी कोरोना का असर
कोरोनोवायरस का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता नजर आ रहा है। पिछले हफ्ते दुनियाभर के बाजारों में भी असर देखने को मिला था। वहीं, बताया जा रहा है कि चीन की अर्थव्यवस्था को कोरोना दो तिमाहियों तक प्रभावित रह सकती है।
हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें दावा किया गया था कि चीन ने अब तक कोरोना से निपटने के लिए करीब 20 बिलियन डॉलर ( 1.44 लाख करोड़ रुपए) रुपए खर्च कर चुका है। यह खर्च 60 बिलियन डॉलर ( 4.33 लाख करोड़ रुपए) तक पहुंचने का अनुमान है।
भारत के रक्षा बजट से ज्यादा कोरोना पर खर्च कर रहा चीन
माना जा रहा है कि कोरोना से निपटने के लिए चीन का खर्च 60 बिलियन डॉलर ( 4.33 लाख करोड़ रुपए) तक पहुंचने का अनुमान है। यह भारत के 2020 के रक्षा बजट से भी ज्यादा है। भारत सरकार ने डिफेंस के लिए कुल 3.37 लाख करोड़ रुपए (45.8 बिलियन डॉलर) बजट रखा है। हालांकि, इसमें पेंशन के लिए बजट (1.77 लाख) शामिल नहीं है। अगर उसे इसमें शामिल कर दें तो कोरोना पर चीन के खर्च की राशि और भारत का कुल रक्षा बजट लगभग बराबर हो जाएगा।
| देश | कुल केस | मौत | कितने लोग ठीक हुए |
| चीन | 80,026 | 2912 | 44,532 |
| द कोरिया | 4212 | 26 | 30 |
| इटली | 1701 | 41 | 83 |
| ईरान | 978 | 54 | 175 |
| डायमंड प्रिंस क्रूज | 705 | 7 | 10 |
| जापान | 256 | 6 | 42 |
| फ्रांस | 130 | 2 | 12 |
| अमेरिका | 87 | 2 | 9 |
| भारत | 3 | - | - |
हुबई, वुहान प्रांत में कैसी है स्थिति
चीन का हुबई प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में से है। चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन के मुताबिक, यहां सभी जरूरी प्रावधान किए जा रहे हैं। यहां लोगों को तीन ग्रुप (हाई, मीडियम और लो) संक्रमण के हिसाब से रखा गया है। यहां मरीजों का दोनों वक्त जरूरी चेकअप भी किया जा रहा है। हुबई में तेजी से कोरोना के केसों में कमी देखने को मिली है। यहां पहले हर दिन 570 नए केस आ रहे थे। लेकिन रविवार को सिर्फ 196 केस सामने आए। इसी को देखते हुए प्रशासन ने यहां बनाए गए 16 अस्थाई अस्पतालों में एक को बंद भी कर दिया।
भारत में कोरोना की स्थिति
भारत सरकार का कहना है कि कोरोना का कोई बड़ा मामला अब तक सामने नहीं आया है। हालांकि, सोमवार तक 5 लोग संक्रमित पाए गए हैं। अब तक 450 लोगों को निगरानी में रखा गया है। इनमें सबसे ज्यादा केरल के लोग हैं। इनमें से बहुत से वे लोग हैं, जो हाल ही में चीन से आए हैं। इसके अलावा नेपाल से सटे राज्यों में सतर्कता बरती जा रही है। उधर, दिल्ली समेत देश के 7 एयरपोर्ट पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई थी। अब यह बढ़ाकर 21 एयरपोर्ट पर हो गई है। इन एयरपोर्ट पर चीन, इंग्लैंड, हॉन्गकॉन्ग, सिंगापुर, जापान और द कोरिया से आ रहे लगभग हर यात्री की स्क्रीनिंग की जा रही है।
- करीब 2500 विमानों के यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई है। भारत चीन में फंसे भारतीयों का भी रेस्क्यू कर चुका है। उधर, अब ईरान में फंसे भारतीयों को भी एयरलिफ्ट किया जाना है।
- चीन से भारत लाए जाने वाले सभी लोगों को 14 दिनों तक अलग रखा जा रहा है, जिससे किसी भी व्यक्ति में कोरोना वायरस होने पर उसकी जानकारी और रोकथाम की जा सके।
कोरोनावायरस के लक्षण
कोरानावायरस न्यूमोनिया का कारण बन सकता है। कोरोना से संक्रमित लोगों को खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ होती है। कुछ मामलों में ऑर्गन फेलियर भी हुआ है। यह वायरल निमोनिया है, इसलिए एंटीबायोटिक्स भी इसपर असरदार नहीं है।
कैसे बचा जा सकता?
- हर बार साबुन से अपने हाथ धोएं।
- कफ और खांसी की स्थिति में अपने मुंह को ढका रखे। सर्दी, बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। साथ ही अपनी 14 दिन की यात्रा के बारे में भी जानकारी दें। अगर आपने पिछले 2 हफ्तों में चीन, कोरिया, ईरान या इटली की यात्रा की है, तो 14 दिन तक सार्वजनिक स्थलों पर जाने से बचें और घर में ही रहें।
कोरोना के बारे में फैली हैं ये अफवाह
- क्या कोरोना पालतू जानवरों से फैलता है?- नहीं
- एंटीबायोटिक्स से ठीक हो जाता है कोरोना- नहीं
- क्या थर्मल स्कैनर असरदार है? - हां, लेकिन इससे केवल संक्रमित लोगों का पता चलता है।
- क्या मास्क लगाने से नहीं होता कोरोना वायरस?- नहीं ऐसा नहीं है। वायरस इतने छोटे होते हैं कि वे मास्क से नहीं रुकते। हालांकि, इंफेक्शन फैलने से रोकने में मदद करता है।
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