
कर्नाटक के गिडम जिला से एक मामला सामने आया है। यहां 2019 में एक लड़की ने अंतरजातीय विवाह किया था जिसके बाद लड़की के परिवार वालों ने दोनों की हत्या कर दी थी। अब कोर्ट ने आरोपियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
पीड़ित रमेश मदार (29) अनुसूचित जाति समुदाय से थे, जबकि उनकी पत्नी गंगम्मा राठौड़ (23) बंजारा समुदाय से थीं, जिसे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। गंगम्मा के परिवार ने उनकी दिनदहाड़े हत्या कर दी थी। गडग जिला अदालत ने गंगम्मा के भाइयों रविकुमार राठौड़ (27) और रमेश राठौड़ (28), चाचा शिवप्पा राठौड़ (25), और परशुराम राठौड़ (39) को हत्या का दोषी पाते हुए मौत की सजा सुनाई।
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2019 में ये कपल दिवाली मनाने के लिए अपने गांव लौटे थे इसी दौरान लड़की के घरवालों ने दोनों की हत्या कर दी। मृतक दंपति के दो बच्चे भी हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि अदालत ने चारों दोषियों को मृत्युदंड दिया है।गांव वालों के सामने कर दी थी। पुलिस अधीक्षक बाबा साहेब नेमागौडर ने बताया,गंगम्मा के भाई जबरन लड़के के घर में घुस गए और दोनों को खींच कर बाहर ले आए। इसके बाद उन्होंने दोनों की हत्या कर दी। इसी दौरान वहां मौजूद लोगों ने इस घटना की वीडियो बना ली और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
गजेंद्रगढ़ पुलिस सर्किल इंस्पेक्टर सिद्दप्पा बिलगी के अनुसार, मृतक कपल पांच साल से रिलेशनशिप में थे।राठौड़ के परिवार के विरोध के बावजूद 2 अप्रैल 2017 को रजिस्ट्रार कार्यालय में शादी कर ली थी। गडग जिले के प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश बसवराज ने बुधवार को चारों आरोपियों के मौत की सजा सुनाई है।
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