
नई दिल्ली. हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज कोरोना संक्रमित हो गए हैं। 20 नवंबर को ही उन्होंने कोरोना वैक्सीन (कोवैक्सिन) का ट्रायल डोज दिया गया था। उन्हें अंबाला के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अनिल विज को तीसरे चरण के ट्रायल के लिए कोवैक्सिन का एक डोज दिया गया था, जिसके बाद विज ने कहा था कि यह वैक्सीन भारत में बहुत जल्द उपलब्ध हो जाएगी।
अनिल विज के संक्रमित होने पर सवाल उठने लगे हैं कि क्या भारत बायोटेक की कोवैक्सिन फेल हो गई है? डोज देने के बाद भी अनिल विज संक्रमित कैसे हो गए? इन सवालों पर भारत बायोटेक ने जवाब दिया है।
क्या कोवैक्सिन फेल हो गई?
क्या कोवैक्सिन फेल हो गई..इस सवाल का जवाब है नहीं। भारत बायोटेक ने कहा कि कोवैक्सिन का क्लिनिकल ट्रायल 2 डोज के आधार पर किया जाएगा। दोनों डोज के बीच में 14 दिन का गैप होना चाहिए। दोनों डोज के लिए 28 दिन का वक्त होता है। अनिल विज को अभी पहली ही डोज दी गई है। फेज-3 ट्रायल्स डबल-ब्लाइंडेड और रैंडमाइज्ड हैं (जहां ट्रायल में शामिल) 50% पार्टिसिपेंट्स को वैक्सीन और 50% को प्लेसीओ दिया जाता है।
अक्टूबर में तीसरे चरण के लिए मिली थी अनुमित
भारत बायोटेक संयुक्त रूप से कोवैक्सिन को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के साथ काम कर रहा है। अक्टूबर में ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने भारत में कोवैक्सिन (Covaxin) के लिए चरण- III परीक्षण करने के लिए भारत बायोटेक को अनुमति दी थी। तीसरे चरण के लिए देश भर के 26,000 स्वयंसेवकों को दिया गया है।
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