दुनिया में कहर बरपा रहा डेल्टा प्लस वेरिएंट भारत में वैक्सीन से पड़ रहा कमजोर, अभी तक 300 केस

Published : Sep 02, 2021, 11:11 PM IST
दुनिया में कहर बरपा रहा डेल्टा प्लस वेरिएंट भारत में वैक्सीन से पड़ रहा कमजोर, अभी तक 300 केस

सार

आईसीएमआर के डीजी बलराम भार्गव ने बताया कि डेल्टा प्लस स्वरूप के खिलाफ वैक्सीन की इफेक्टीवनेस की जांच की गयी है। उन्होंने कहा कि डेल्टा प्लस स्वरूप के सामने आने के कुछ महीने हो गए हैं। 

नई दिल्ली। पूरी दुनिया में कोविड-19 के मरीजों में कहर बरपा रहा डेल्टा प्लस का प्रभाव भारतीय वैक्सीन के आगे नहीं के बराबर है। देश में अभी तक केवल 300 डेल्टा प्लस वेरिएंट के मरीज ही पाए गए हैं। आईसीएमआर ने पुष्टि की है कि डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ भारतीय वैक्सीन प्रभावी है। 

भारत में वैक्सीन है डेल्टा प्लस वेरिएंट पर प्रभावी

आईसीएमआर के डीजी बलराम भार्गव ने बताया कि डेल्टा प्लस स्वरूप के खिलाफ वैक्सीन की इफेक्टीवनेस की जांच की गयी है। उन्होंने कहा कि डेल्टा प्लस स्वरूप के सामने आने के कुछ महीने हो गए हैं। पहले 60-70 मामले मिले थे, अब डेल्टा प्लस के करीब 300 मामले हैं। उन्होंने कहा कि डेल्टा प्लस के खिलाफ भी वैक्सीन को प्रभावी पाया गया है। कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस स्वरूप की पहचान 11 जून को की गई थी और इसे चिंता पैदा करने वाली श्रेणी में शामिल किया गया था।

24 घंटे में आए 47092 केस

देश में गुरुवार को 47,092 नए मामलों के सामने आने के साथ पिछले दो महीने में कोविड-19 के सबसे अधिक दैनिक मामले सामने आए। पिछले 24 घंटे के दौरान 47,092 नए मामलों के सामने आने के साथ संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,28,57,937 हो गई है। पिछली बार 63 दिन पहले (एक जुलाई को) रोजाना के सबसे अधिक 48,786 नए मामले आए थे। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को अपडेटेड आंकड़ों में बताया कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर अब 3,89,583 हो गई है जो कुल मामलों का 1.19 प्रतिशत है। वहीं, संक्रमण से 509 और लोगों की मौत हुई है। 

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

Republic Day 2026: संविधान के 5 अधिकार जिनका इस्तेमाल न करने पर अपना ही नुकसान करते हैं लोग
Bhojshala Verdict: पूजा भी, नमाज़ भी-सुप्रीम कोर्ट ने कैसे सुलझाया वर्षों पुराना विवाद?