पाबंदी लगाने में पीछे नहीं हटें राज्य, केंद्र ने नाइट कर्फ्यू के साथ आयोजनों पर सख्त निगरानी का दिया सुझाव

Published : Dec 23, 2021, 03:39 PM ISTUpdated : Dec 23, 2021, 07:05 PM IST
पाबंदी लगाने में पीछे नहीं हटें राज्य,  केंद्र ने  नाइट कर्फ्यू के साथ आयोजनों पर सख्त निगरानी का दिया सुझाव

सार

देश में ओमीक्रोन वैरिएंट के मरीजों की संख्या 300 तक पहुंच रही है। इस बीच केंद्र सरकार (Central Government) ने राज्यों को त्योहारों से पहले स्थानीय स्तर पर प्रतिबंध लगाने की सलाह दी है। केंद्र ने साफ कहा है कि जहां जरूरी है वहां पाबंदी लगाने में राज्य पीछे नहीं हटें।  

नई दिल्ली। देश में ओमीक्रोन (Coronavirus New Variant Omicron) के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार ने राज्यों से सभी सावधानियों और गाइडलाइंस का पालन करने को कहा है। कोरोना (Covid 19) की समीक्षा करते हुए केंद्र ने कहा कि राज्यों में पॉजिटिविटी रेट और दोबारा आ रहे मामलों की निगरानी पर खास ध्यान दें। इसके अलावा राज्यों को त्योहारों से पहले स्थानीय स्तर पर प्रतिबंध लगाने की सलाह दी गई है। केंद्र ने साफ कहा है कि जहां जरूरी है वहां पाबंदी लगाने में राज्य पीछे नहीं हटें। जिन राज्यों में अभी 5 से 10 प्रतिशत मामले आ रहे हैं, वहां पर नाइट कर्फ्यू और बड़ी सभाओं में सख्त नियम लागू करें, जिससे कोरोना का संक्रमण फैल न सके। ऐसे जिलों या इलाकों में बफर जोन बनाए जाएं। 

चुनावी राज्यों में वैक्सीनेशन तेज करें 
केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, वहां वैक्सीनेशन तेज किया जाए। खासकर जहां कमजोर वर्ग की आबादी अधिक है, वहां पर टीकाकरण पर अधिक जोर दें। राज्यों को सलाह दी गई है कि जो लोग पहली डोज या दूसरी डोज से वंचित हैं, पहले उन्हें 100 फीसदी वैक्सीनेट करने पर जोर रखें। इसके लिए घर-घर वैक्सीनेशन अभियान चलाएं।  

केंद्र ने राज्यों को ये निर्देश दिए 

1- त्योहारों को देखते हुए नाइट कर्फ्यू लगाएं, जमावड़ों पर रोक लगाई जाए। कोरोना के केस बढ़ने पर कंटेनमेंट और बफर जोन का निर्धारण करें।

2- टेस्टिंग और निगरानी पर विशेष ध्यान दें। ICMR और स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक, टेस्ट कराए जाएं। डोर टू डोर केस सर्च और आरटीपीसीआर टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाए।

3- अस्पतालों में बेड, एंबुलेंस और स्वास्थ्य उपकरण बढ़ाने पर फोकस करे। ऑक्सीजन का बफर स्टॉक बनाएं। जरूरी दवाओं की भी व्यवस्था कर लें। 
 
4- अफवाहों से बचने के लिए राज्य सरकारों रोज ब्रीफिंग करें।

5- राज्य 100% वैक्सीनेशन पर फोकस करें। सभी वयस्कों को दोनों डोज सुनिश्चित करने के लिए डोर टू डोर अभियान चलाया जाए।

पहला फोकस मौतों की संख्या कम करना
ओमीक्रोन की बढ़ती चिंता के बीच केरल आईएमए रिसर्च सेल के वाइस चेयरमैन राजीव जयदेवन ने कहा है कि हमारा पहला फोकस मौतों की संख्या कम  करना है। उन्होंने कहा कि 2 डोज और 3 डोज ले चुके लोगों की मृत्यु दर में कोई अंतर नहीं है। वैक्सीन की दो डोज भी मौत के खिलाफ समान सुरक्षा मुहैया कराती हैं। हमारी प्राथमिकता में सबसे पहले भारत की पूरी आबादी को वैक्सीन के दोनों डोज देना है। उन्होंने कहा कि भारतीय वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन, दोनों ही अब तक समान रूप से कोविड 19 के प्रति सुरक्षा दे रहे हैं। इनकी सुरक्षा में कोई गिरावट नहीं आई है। भारत में कहीं से ऐसा कोई मामला नहीं आया कि वैक्सीन लगवाने के बाद कोई अचानक बीमार पड़ा हो। 

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