
देहरादून. कोरोना संकट को देखते हुए इस साल कांवड़ यात्रा नहीं होगी। उत्तराखंड सरकार ने संक्रमण फैलने की आशंका के मद्देनजर सावन माह में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को रद्द करने का निर्णय लिया है। यह जानकारी उत्तराखंड सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने दी। बता दें कि इससे पहले चार धाम यात्रा पर भी रोक लगा दी गई थी। हालांकि उत्तराखंड में एक पुलिस अधिकारी ने कहा-सरकार का लिखित आदेश पुलिस विभाग के पास नहीं आया। हम कावड़ यात्रा नहीं होगी, इसी संभावना को देखते हुए तैयारियां कर रहे हैं। हमने देख लिया है कि राज्य में किन बॉर्डरों से लोग आते हैं। वहां हमारी पुलिस तैनात रहेगी।
उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा का खासा महत्व है
बता दें कि उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा का खासा महत्व है। यह शिवभक्तों की वार्षिक यात्रा होती है। इसमें उत्तराखंड के हरिद्वार, गौमुख और गंगोत्री के हिंदू तीर्थ स्थानों में गंगा नदी के पवित्र जल को लाने के लिए कांवरिया (कावड़िया) के रूप में जाना जाता है। यह त्योहार मानसून महीने के सावन (जुलाई-अगस्त) के दौरान मनाया जाता है।
आगामी आदेश तक 4 धाम यात्रा कैंसल
कुछ दिन पहले ही उत्तराखंड सरकार ने चार धाम यात्रा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया था। ऐसा उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश के पालन में किया गया। इससे पहले उत्तराखंड सरकार ने कोविड गाइड लाइंस जारी करते हुए कहा था कि यात्रा का पहला चरण 1 जुलाई से होगा, दूसरा चरण 11 जुलाई से। इसमें कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य थी। लेकिन संक्रमण को देखते हुए हाईकोर्ट ने इसे रोकने का आदेश दिया था।
उत्तराखंड में कोरोना की स्थिति
उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे में 124 नए केस मिले हैं, जबकि 8 लोगों की मौत हुई है। यहां अब तक 3.40 लाख लोग संक्रमित हुए। इस समय करीब 1900 एक्टिव केस हैं। यहां अब तक 7300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
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