बाबरी मस्जिद से जुड़े एक और मामले पर फैसला जल्द, आडवाणी संग उमा भारती भी हैं आरोपी

Published : Nov 09, 2019, 10:57 PM IST
बाबरी मस्जिद से जुड़े एक और मामले पर फैसला जल्द, आडवाणी संग उमा भारती भी हैं आरोपी

सार

सीबीआई ने पांच अक्टूबर 1993 को 48 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इन 48 लोगों में बाला साहेब ठाकरे, कल्याण सिंह, मोरेश्वर सावे, चम्पत राय बंसल, सतीश प्रधान, महंत अवैद्यनाथ, धरम दास, महंत नृत्यगोपाल दास, महामंडलेश्वर जगदीश मुनी, राम बिलास वेदांती, बैकुंठ लाल शर्मा, परम हंस रामचन्द्र दास और डॉक्टर सतीश चन्द्र नागर शामिल हैं।

नई दिल्ली. अयोध्या में राम जन्मभूमि पर विवादित ढांचा 1992 में गिराए जाने के पीछे के ‘आपराधिक षड्यंत्र’ से जुड़े मामले की सुनवाई अब अंतिम चरण में है। लखनऊ स्थित सत्र अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा सबूत पेश किए जाने की अंतिम तिथि 24 दिसंबर तय की है। सत्र अदालत ने हाल ही में तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के खिलाफ गवाह पेश करने में विफल रहने पर अभियोजन पक्ष की आलोचना की थी। सिंह के खिलाफ 29 सितंबर 2019 को आरोप तय करने के बाद अदालत ने बार-बार गवाहों को पेश करने का आदेश दिया था।

24 सितंबर को होगी आखिरी सुनवाई 
मामले की सुनवाई करते हुए पांच अक्टूबर, 2019 को सत्र अदालत ने कहा था कि उच्चतम न्यायालय के फैसले के अनुसार, 24 दिसंबर, 2019 से पहले सभी सबूत उसके समक्ष पेश किए जाने हैं, क्योंकि वह अंतिम कार्यदिवस है। उच्चतम न्यायालय ने 19 अप्रैल, 2017 को भाजपा नेताओं लालकृष्ण आडवाणी, उमा भारती और मुरली मनोहर जोशी को आरोपमुक्त करने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को खारिज कर दिया था। उसके बाद ही लखनऊ की विशेष अदालत में 25 मई, 2017 से मामले की सुनवाई शुरु हुई।

2 साल के अंदर पूरी होगी सुनवाई 
छह दिसंबर, 1992 को विवादित ढांचा गिराए जाने के दौरान कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। उनके खिलाफ सुनवाई दो साल बाद 2019 में शुरु हुई क्योंकि उससे पहले वह राजस्थान के राज्यपाल थे। राज्यपाल होने के नाते उन्हें कानूनी कार्रवाई से छूट हासिल थी। न्यायालय ने 19 अप्रैल, 2017 के अपने फैसले में निर्देश दिया था कि मामले की सुनवाई दो साल के भीतर पूरी की जाए। शीर्ष अदालत ने 19 जुलाई, 2019 में फिर से निर्देश दिया था कि नौ महीने के भीतर मुकदमे का फैसला सुनाया जाए।

इन लोगों पर है ढांचा गिराने का आरोप 
एजेंसी दो अपराधों की जांच कर रही है। 1992 की अपराध संख्या 197..... ढांचा ढहाने को लेकर कार सेवकों के खिलाफ मामला और 1992 की अपराध संख्या 198.... आठ आरोपियों लालकृष्ण आडवाणी, अशोक सिंघल, विनय कटियार, उमा भारती, साध्वी रितम्भरा, मुरली मनोहर जोशी, गिरिराज किशोर और विष्णु हरि डालमिया। सीबीआई ने पांच अक्टूबर 1993 को 48 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इन 48 लोगों में बाला साहेब ठाकरे, कल्याण सिंह, मोरेश्वर सावे, चम्पत राय बंसल, सतीश प्रधान, महंत अवैद्यनाथ, धरम दास, महंत नृत्यगोपाल दास, महामंडलेश्वर जगदीश मुनी, राम बिलास वेदांती, बैकुंठ लाल शर्मा, परम हंस रामचन्द्र दास और डॉक्टर सतीश चन्द्र नागर शामिल हैं।

(यह खबर न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा की है, एसियानेट हिंदी की टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

PM Modi Speech: राहुल गांधी-कांग्रेस पर जमकर बरसे पीएम मोदी, प्रधानमंत्री के भाषण की 10 बड़ी बातें
Rajya Sabha Hungama : अबोध बालक पर सुना गए Kharge , JP Nadda को दिया करारा जवाब!