Deep Dive with Abhinav Kahre: अपराधियों के प्रति सहानुभूति जुटाते मीडिया संस्थान

Published : Dec 04, 2019, 10:23 PM ISTUpdated : Dec 04, 2019, 10:25 PM IST
Deep Dive with Abhinav Kahre: अपराधियों के प्रति सहानुभूति जुटाते मीडिया संस्थान

सार

द क्विंट हमेशा से ही आपराधिक प्रवत्ति के लोगों को सकारात्मक तरीके से दिखाता रहा है। इस मीडिया संस्थान ने ओसामा बिना लादेन तक की वकालत की थी। यही वजह थी कि जब क्विट में बलात्कारियों के समर्थन में लेख छपा तो किसी को अचरज नहीं हुआ।

हैदराबाद में 27 साल की वेटनरी डॉक्टर के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म से पूरा देश सदमे में है। हमारे देश में महिलाएं कितनी सुरक्षित हैं , यह घटना इसकी कड़वी सच्चाई हमारे सामने लाती है।  इस घटना से पूरी देश आहात है, लोग सड़कों पर आकर अपना गुस्सा दिखा रहे हैं और महिलाओं  के साथ खड़े हो रहे हैं। इसके बावजूद कुछ मीडिया संस्थान हमेशा की तरह अपराधी को बचाने की कोशिश में लगे हुए हैं। ये मीडिया संस्थान जान बूझकर अपराध पर पर्दा डालने की कोशिश करते हैं और अपराधियों के जीवन का दर्द भरा पहलू दिखाकर इनको बचाने का प्रयास करते हैं। लोकतंत्र के कई स्तंभों की नाकामी के चलते देश में महिलाओं को सुरक्षित करने का हर प्रयास विफल हो रहा है।

Deep Dive with Abhinav Khare

द क्विंट हमेशा से ही आपराधिक प्रवत्ति के लोगों को सकारात्मक तरीके से दिखाता रहा है। इस मीडिया संस्थान ने ओसामा बिना लादेन तक की वकालत की थी। यही वजह थी कि जब क्विट में बलात्कारियों के समर्थन में लेख छपा तो किसी को अचरज नहीं हुआ। इन लोगों ने प्रियंका रेड्डी मामले के चारो आरोपियों की परिवार वालों से बात की और लिखा कि रेप केस का मुख्य आरोपी अपने परिवार में एकमात्र कमाने वाला सदस्य था और उसने बड़ी मुश्किल से अपनी मां के ऑपरेशन के लिए पैसे इकट्ठे किए थे। यह सब कुछ अपराधियों के प्रति लोगों की सहानुभूति हासिल करने के लिए किया गया था। यह सहानुभूति उस इंसान के लिए जुटाई जा रही है, जिसने एक लड़की का रेप करने और उसे जिंदा जलाने से पहले एक बार भी नहीं सोचा। 

Abhinav Khare

यदि हम अपराधियों के प्रति सहानुभूति जुटा रहे हैं तो इसका मतलब है कि हम जानबूझ कर इन अपराधियों को पैदा कर रहे हैं। अगर कोई भी व्यक्ति अपराध करता है तो उसके लिए सिर्फ उसे ही जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। साथ ही ऐसे लोगों के पक्ष में कोई सफाई भी नहीं दी जानी चाहिए। ऐसे जघन्य अपराधों के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि बाकी लोगों में कानून का डर बना रहे। हमारे न्यायालय को भी ऐसे मामलों में जल्द से जल्द कार्यवाई करके पीड़ित को न्याय दिलाना चाहिए। क्योंकि न्याय में देरी अन्याय के बराबर है। 
 

 

कौन हैं अभिनव खरे

अभिनव खरे एशियानेट न्यूज नेटवर्क के सीईओ हैं, वह डेली शो 'डीप डाइव विद अभिनव खरे' के होस्ट भी हैं। इस शो में वह अपने दर्शकों से सीधे रूबरू होते हैं। वह किताबें पढ़ने के शौकीन हैं। उनके पास किताबों और गैजेट्स का एक बड़ा कलेक्शन है। बहुत कम उम्र में दुनिया भर के 100 से भी ज्यादा शहरों की यात्रा कर चुके अभिनव टेक्नोलॉजी की गहरी समझ रखते है। वह टेक इंटरप्रेन्योर हैं लेकिन प्राचीन भारत की नीतियों, टेक्नोलॉजी, अर्थव्यवस्था और फिलॉसफी जैसे विषयों में चर्चा और शोध को लेकर उत्साहित रहते हैं। उन्हें प्राचीन भारत और उसकी नीतियों पर चर्चा करना पसंद है इसलिए वह एशियानेट पर भगवद् गीता के उपदेशों को लेकर एक सफल डेली शो कर चुके हैं।

अंग्रेजी, हिंदी, बांग्ला, कन्नड़ और तेलुगू भाषाओं में प्रासारित एशियानेट न्यूज नेटवर्क के सीईओ अभिनव ने अपनी पढ़ाई विदेश में की हैं। उन्होंने स्विटजरलैंड के शहर ज्यूरिख सिटी की यूनिवर्सिटी ETH से मास्टर ऑफ साइंस में इंजीनियरिंग की है। इसके अलावा लंदन बिजनेस स्कूल से फाइनेंस में एमबीए (MBA) भी किया है।

 

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