
नई दिल्ली. कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का प्रदर्शन पिछले 12 दिन से जारी है। किसानों द्वारा कानून को रद्द करने की मांग करते हुए किसान लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली से सटे सभी बॉर्डर पर पंजाब, हरियाणा समेत देश के अन्य राज्यों के किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार के साथ किसानों की कई बार बातचीत भी हुई लेकिन बेनतीजा रही। किसान आंदोलन को समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी (BSP) के साथ ही दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी का भी समर्थन मिल गया है। सरकार के साथ किसानों की कई बार बातचीत भी हुई लेकिन बेनतीजा रही। उधर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज सिंघु बॉर्डर पर किसानों से मिलने पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों को मिल रही सुविधाओं का भी जायजा लिया।
दिल्ली पुलिस ने नए कृषि कानूनों के विरोध में राष्ट्रपति को पुरस्कार वापस करने के लिए राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च कर रहे खिलाड़ियों को रोक दिया। पहलवान करतार सिंह ने कहा,"पंजाब के 30 खिलाड़ी और कुछ अन्य लोग अपना पुरस्कार लौटाना चाहते हैं"
केंद्र ने हम पर दबाव डाला
केजरीवाल ने कहा, हम किसानों की सभी मांगों का समर्थन करते हैं। किसानों का मुद्दा और संघर्ष बिल्कुल जायज है। शुरू-शुरू में जब किसान बॉर्डर पर आए थे तो केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस ने हमसे दिल्ली के 9 स्टेडियम को जेल बनाने की इजाजत मांगी थी। मुझ पर इसके लिए दबाव डाला गया।
उन्होंने कहा, उस समय मेरे ऊपर बहुत दबाव डाला गया। उनकी पूरी योजना थी कि किसानों को दिल्ली आने देंगे और फिर उन्हें पकड़कर स्टेडियम में डाल देंगे और वो वहां पड़े रहेंगे।
भारत बंद को आप का समर्थन
दिल्ली के मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि देशभर में आप कार्यकर्ता किसानों द्वारा आहूत राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन करेंगे।
आप' दे चुकी है किसानों को समर्थन
बता दें, आम आदमी पार्टी (आप) ने नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों द्वारा आठ दिसंबर को किए गए भारत बंद के आह्वान का समर्थन किया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने सभी नागरिकों से किसानों का समर्थन करने और भारत बंद में हिस्सा लेने की अपील भी की।
पांचवें दौर की बातचीत बेनतीजा रही
सरकार और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच शनिवार को पांचवें दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही थी। इसके बाद केंद्र ने गतिरोध समाप्त करने के लिए 9 दिसंबर को एक और बैठक बुलाई है। किसान नेता बलदेव सिंह यादव ने कहा, ‘यह आंदोलन केवल पंजाब के किसानों का नहीं है, बल्कि पूरे देश का है। हम अपने आंदोलन को मजबूत करने जा रहे हैं और यह पहले ही पूरे देश में फैल चुका है।’ उन्होंने सभी से बंद को शांतिपूर्ण बनाना सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा, ‘चूंकि सरकार हमारे साथ ठीक से व्यवहार नहीं कर रही थी, इसलिए हमने भारत बंद का आह्वान किया।’
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