
नई दिल्ली। दिल्ली शराब घोटाले में फंसे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। सीबीआई केस में कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत दे दी है। वह अब जेल से बाहर आकर पार्टी की सत्ता फिर से संभालेंगे। जस्टिस सूर्यकांत और उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने मामले में 5 सितंबर को सुनवाई की थी। सीबीआई और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज कोर्ट ने दिल्ली के सीएम को राहत देते हुए सीबीआई के गिरफ्तारी के तरीके और समय पर भी सवाल उठाते हुए उसे गलत ठहराया है।
177 दिन से जेल में थे केजरीवाल
दिल्ली शराब घोटाले में सीएम अरविंद केजरीवाल को आज जमानत मिल गई है। 177 दिन से वह जेल में ही थे। मामले में उन्हें 21 मार्च को अरेस्ट किया गया था। इसके बाद 26 जून को सीबीआई ने उनको हिरासत में ले लिया था। इस दौरान उन्होंने कई बार कोर्ट में जमानत की अर्जी दी थे लेकिन उसे खारिज कर दिया गया था। इस दौरान केजरीवाल का शुगर लेवल बढ़ने की भी समस्या हो गई थी जिसके बाद डॉक्टर उन्हें जेल में नियमित चेकअप करने के लिए आते थे। उन्हें कोर्ट ने घर का खाना उपलब्ध कराने की भी परमीशन दी थी।
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सीबीआई को कोर्ट ने किया सचेत, पावर का गलत प्रयोग न हो
सुप्रीम कोर्ट में जजों की खंडपीठ ने सीबीआई को सचेत करते हुए कहा कि पावर का गलत प्रयोग न हो इसका हमेशा ध्यान रखें। सोच समझकर गिरफ्तारी का कदम उठाएं। ईडी मामले में केजरीवाल को पहले ही जमानत मिल चुकी है इसके बाद भी केजरीवाल को जेल में रखना न्यायोचित नहीं है। यह ज्यूडिशरी सिस्टम का मजाक बनाना है।
दिल्ली शराब घोटाला मामला क्या है?
दिल्ली के मुख्य सचिव की रिपोर्ट के मुताबिक शराब घोटाले में बड़े पैमाने पर पैसों की हेराफेरी के आरोप लगाए गए। मामले की जांच में ईडी को भी शामिल किया गया था। सीबीआई और ईडी ने छापेमारी शुरू की तो सामने आया कि नई आबकारी नीति के कारण दिल्ली सरकार को 2,873 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सीएम केजरीवाल के साथ मनीष सिसोदिया और संजय सिंह भी गिरफ्तार किए गए थे जिन्हें बेल मिल चुकी है।
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