
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के साउथ-ईस्ट जिले ने एक अंतरराष्ट्रीय डिजिटल धोखाधड़ी और वसूली के मामले में 10 धोखेबाजों का भंडाफोड़ किया है। आरोपियों को कई राज्यों से हिरासत में लिया गया है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, कई लोगों को ठगने वाले 10 धोखेबाज पुलिस हिरासत में हैं। गिरफ्तार लोगों में मास्टरमाइंड भी शामिल है। इन अपराधियों को 7 राज्यों - दिल्ली, मुंबई (महाराष्ट्र), केरल, ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में कई छापों के जरिए पकड़ा गया।
आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस ने 50 करोड़ रुपये से ज़्यादा की धोखाधड़ी का खुलासा किया है। इस मामले में 61 एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) शिकायतें शामिल हैं। केरल, दिल्ली और मुंबई वे मुख्य शहर थे जहां आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले 14 दिसंबर को सीबीआई ने भी एक अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी मामले में 4 विदेशी नागरिकों समेत 17 आरोपियों और 58 कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
अक्टूबर में इस मामले के 3 मुख्य भारतीय सहयोगियों को गिरफ्तार करने के बाद, जांच में एक ऐसे सिंडिकेट का पता चला, जिसने भोले-भाले नागरिकों को धोखा देने के लिए एक बड़ा डिजिटल और वित्तीय ढांचा तैयार किया था। इसमें गुमराह करने वाले लोन ऐप्स, नौकरी के फर्जी ऑफर और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म शामिल थे। यह मामला गृह मंत्रालय के 14C से मिली जानकारी पर दर्ज किया गया था, जिसमें बताया गया था कि इन फर्जी ऐप्स और रोजगार योजनाओं के जरिए बड़ी संख्या में नागरिकों को ठगा जा रहा है।
साइबर फ्रॉड सिंडिकेट की आगे की जांच में सीबीआई ने धोखाधड़ी नेटवर्क की रीढ़ का पर्दाफाश किया, जिसमें डमी डायरेक्टरों, जाली दस्तावेजों और व्यापार के झूठे उद्देश्यों वाली 111 शेल कंपनियां शामिल थीं। इस मामले में आपराधिक साजिश, जालसाजी, जाली दस्तावेजों का उपयोग और अनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम, 2019 के तहत मुकदमा शुरू किया गया है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क के खिलाफ सीबीआई की बड़े पैमाने पर चल रही पहल, ऑपरेशन चक्र-V का हिस्सा है।
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