
गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Asaam Cm Himant Biswa Sarma) ने पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) पर तत्काल पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने केंद्र सरकार से कहा है कि उग्रवादी और विध्वंसक घटनाओं में इस संगठन की सीधी भागीदारी है। इसलिए इस संगठन पर पूरी तरह से प्रतिबंध जरूरी है। हिजाब मुद्दे को लेकर यह मांग उठाने के सवाल पर बिस्वा ने कहा कि हिजाब या इस तरह की मांग करना लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इस संगठन ने हमेशा विध्वंसक गतिविधियों में अहम भूमिका निभाई है।
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कर्नाटक के हिजाब विवाद से फिर चर्चा में आया
कर्नाटक हिजाब विवाद (Hijab Row) के बाद यह संगठन एक बार फिर चर्चा में आया है। इस्लामिक कट्टरपंथी संस्था पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की ही एक विंग कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) ने कर्नाटक में हिजाब के मुद्दे पर बवाल कर रहा है। इस संगठन का नाम सीएए और एनआरसी के विरोध में हुए प्रदर्शनों में भी सामने आया था। तब इसके कई सदस्य गिरफ्तार किए गए थे। उस समय मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में इसे बैन करने की मांग उठी थी। हिजाब विवाद के बाद कर्नाटक के शिक्षा मंत्री ने PFI पर बैन लगाने की बात की।
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लव जिहाद के मामलों से लेकर ISIS तक लिंक
इस संगठन को लेकर कई सनसनीखेज खुलासे भी हो चुके हैं। इस संगठन के केरल के कुछ सदस्यों के Isis में शामिल होने की बात सामने आई थी, जिसके बाद एनआई ने इसके ISIS से लिंक की भी जांच की थी। 2019 में इसके कई दफ्तरों पर छापे मारे गए थे। उस वक्त भी सुरक्षा एजेंसियों को तमाम लिंक हाथ लगे थे। इस संगठन का नाम लव जिहाद में भी आने की खबरें हैं। बताया जाता है कि 2017 में केरल पुलिस ने NIA को लव जिहाद के 94 मामले सौंपे थे। इन मामलों के पीछे पीएफआई के 4 सदस्यों का हाथ सामने आया था।
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