
नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर 'डेस्टिनेशन नॉर्थ-ईस्ट 2020' फेस्ट का वर्चुअली उद्घाटन किया। शाह ने कार्यक्रम में मोदी सरकार द्वारा पिछले साढ़े छह साल के पूर्वोत्तर में किए गए विकास कार्यों को एक बड़ी उपलब्धि बताया है। पूर्वोत्तर को भारतीय संस्कृति का आभूषण बताते हुए गृहमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति की कल्पना बिना पूर्वोत्तर के अधूरी है। उन्होंने कहा कि बिना पूर्वोत्तर के राज्यों के भारत की कल्पना नहीं की जा सकती है।
शाह ने अपनी सरकार के कार्यों की गिनती करते हुए कहा कि 'पूर्वोत्तर में शांति स्थापित करना इसलिए आवश्यक था क्योंकि अर्थव्यवस्था, पर्यटन और रोजगार को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर पहले हिंसा, उग्रवाद और बंद के चलते सुर्खियों में रहता था लेकिन मोदी सरकार की वजह से अब वहां विकास की चर्चा होती हैं।
'पिछले 6.5 साल में बदली नॉर्थ-ईस्ट की सूरत'
कई मुद्दे जो सालों से लंबित चल रहे थे, जैसे भारत-बांग्लादेश भूमि सीमा समझौता, मणिपुर नाकाबंदी को समाप्त करना, ब्रू-रींग समझौता, बोडो समझौता और 8 चरमपंथी संगठनों के लगभग 644 कैडर द्वारा आत्मसमर्पण करवाना ही नरेंद्र मोदी सरकार की पूर्वोत्तर को लेकर प्राथमिकता रही है। इन प्रयासों ने पूर्वोत्तर की सूरत बदल दी है। शाह ने आगे कहा कि गृह मंत्री के रूप में, मैं सभी पूर्वोत्तर के सभी सीएम और लोगों को बताना चाहूंगा कि 2024 से पहले शेष समस्याओं का समाधान भी केंद्र सरकार द्वारा कर लिया जाएगा।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.