
नई दिल्ली। डिजिटल फ्रॉड के मामले देश में घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। मेंगलुरू में डिजिटल फ्रॉड्स ने एक व्यक्ति से 18.43 लाख रुपये गंवा दिए हैं। सीईएन पुलिस थाने में इस मामले में केस दर्ज किया गया है। टेलीग्राम चैनल से जुड़ने के बाद पीड़ित ठगी का शिकार हुआ। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
कैसे हुआ पीड़ित फ्रॉड का शिकार?
साइबर, इकोनॉमिक्स एंड नारकोटिक्स क्राइम थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार मेंगलुरू का रहने वाले एक व्यक्ति को पिछले साल दिसंबर में एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सअप मैसेज मिला। इस मैसेज में डिजिटल मार्केटिंग के जरिए धन कमान का उपाय बताया गया था। उस मैसेज को फॉलो करते हुए पीड़ित उनके टेलीग्राम चैनल से जुड़ गया। इसके बाद मैसेज भेजने वाले अजनबी के माध्यम से एक मैसेज मिला कि चैनल के माध्यम से दिए गए वेबसाइट से वह जुड़ जाए और अपना रजिस्ट्रेशन करा ले। इसको फॉलो करते हुए पीड़ित ने 18 दिसंबर को रजिस्ट्रेशन कराया। रजिस्ट्रेशन फीस 9000 रुपये पेमेंट किया। पेमेंट के कुछ घंटे बाद ही उसके खाते में वापस वह पैसे आ गए। इससे पीड़ित का वेबसाइट और उस ग्रुप के प्रति विश्वास होने लगा।
पैसा लगाने पर दुगुना होने पर विश्वास और मजबूत होता गया...
इसके बाद वह कई बार पैसे जमा करता और उसे दुगुना पैसे वापस मिल जाते। यह सिलसिला काफी दिनों तक चलता रहा। उस व्यक्ति का लालच बढ़ता गया और वह अधिक धन लगाने लगा। वेबसाइट पर उसके लगाए गए पैसे दुगुना दिखाते। पीड़ित ने बताया कि करीब 18 लाख 43 हजार रुपये उसने इन्वेस्ट किए। कुछ दिनों बाद वह उन पैसों को वापस मांगने लगा तो कोई जवाब नहीं मिला। एक दिन अजनबी ने पैसों को वापस पाने के लिए फिर से पैसा लगाने के लिए बोला लेकिन पीड़ित ने इनकार कर दिया और अपने पुराने पैसे मांगने लगा। लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। पीड़ित को असलियत का अंदाजा हो चुका था। वह समझ चुका था कि वह फ्रॉड का शिकार हो चुका है। इसके बाद वह थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई।
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