
नई दिल्ली. दिशा रवि की गिरफ्तारी के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है। कुछ मीडिया संस्थानों की तरफ से दावा किया जा रहा है कि किसानों के विरोध प्रदर्शन में टूलकिट जारी करने से पहले ग्रेटा थनबर्ग और दिशा रवि के बीच व्हाट्सएप पर बातचीत हुई थी। व्हाट्सएप पर दिशा रवि ने ग्रेटा को सुझाव दिया था कि उन्हें कुछ समय के लिए किसान आंदोलन के बारे में कुछ नहीं कहना चाहिए।
दिशा रवि ने स्वीडिश जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग से कुछ समय के लिए कुछ भी नहीं कहने के लिए कहा था। दिशा रवि ने भारत में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।
ग्रेटा ने मैसेज में कहा था कि वह जल्द ही अपने वकीलों से बात करेंगी, क्योंकि उनका नाम 'टूलकिट' में हैं। उनके खिलाफ यूएपीए के खिलाफ केस हो सकता है। उन्होंने लिखा था, क्या हम थोड़ी देर के लिए इसपर कुछ नहीं कहें? मैं वकीलों से बात करने वाली हूं। मुझे खेद है लेकिन हमारे नाम इस पर हैं।
दिशा रवि की गिरफ्तारी के बाद कार्यकर्ता निकिता जैकब और शांतनु के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए हैं। वारंट पर प्रतिक्रिया देते हुए निकिता जैकब ने सोमवार को बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया। दिल्ली साइबर सेल निकिता के मोबाइल की जांच कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिशा रवि, निकिता जैकब, शांतनु और कुछ अन्य सदस्य दिल्ली में गणतंत्र दिवस की हिंसा को उकसाने में शामिल थे। वे सभी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे।
टूलकिट शेयर करने का आरोप
दिल्ली पुलिस ने कहा कि दिशा रवि को पर्यावरणविद् ग्रेटा थुनबर्ग के उस टूलकिट को शेयर किया, जिसके जरिए देश में भारत सरकार के प्रति वैमनस्य और गलत भावना फैलाना और विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक समूहों के बीच वैमनस्य की स्थिति पैदा करने की कोशिश की गई।
दिशा रवि की पूरी जानकारी
दिशा रवि बेंगलुरु के एक निजी कॉलेज से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक हैं। वह फ्राइडे फॉर फ्यूचर इंडिया नाम के एक समूह के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने 21 वर्षीय क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को किसानों के विरोध प्रदर्शन से संबंधित 'टूलकिट' फैलाने में उसकी कथित भूमिका के लिए बेंगलुरु से गिरफ्तार किया। दिल्ली की एक अदालत ने क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को 5 दिन की दिल्ली पुलिस की विशेष सेल की हिरासत में भेजा।
दिशा पर क्या-क्या आरोप लगे?
पुलिस ने कहा कि दिशा रवि पर पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग के बनाए टूलकिट को एडिट करके उसे शेयर करने का आरोप लगा है। टूलकिट का लक्ष्य भारत सरकार के प्रति वैमनस्य और गलत भावना फैलाना और विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक समूहों के बीच वैमनस्य की स्थिति पैदा करना है। आरोप है कि दिशा रवि ने भारत के खिलाफ वैमनस्य फैलाने के लिए अन्य लोगों के साथ मिलकर खालिस्तान समर्थक समूह पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन के साथ सांठगांठ की।
ग्रेटा के टूलकिट में ऐसा क्या है?
स्वीडन की 18 साल की पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने किसान आंदोलनों के बीच ट्विटर पर एक टूल शेयर किया था। टूलकिट में भारत में अस्थिरता फैलाने को लेकर साजिश का प्लान था। उसमें ट्विटर पर हैजटैग के साथ ही आंदोलन के दौरान क्या करें क्या न करें? कहीं फंसने पर क्या करें? ऐसे बहुत सारे सवालों के जवाब दिए गए थे। टूलकिट में ट्विटर के जरिये किसी अभियान को ट्रेंड कराने से संबंधित दिशानिर्देश भी थे।
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