फूड प्रोडक्ट्स पर ORS लेबल बैन, 8 साल की कानूनी लड़ाई जीत गई यह डॉक्टर

Published : Oct 17, 2025, 08:03 PM IST
फूड प्रोडक्ट्स पर ORS लेबल बैन, 8 साल की कानूनी लड़ाई जीत गई यह डॉक्टर

सार

हैदराबाद की एक डॉक्टर की 8 साल की लड़ाई के बाद, FSSAI ने नकली ORS लेबल पर रोक लगा दी है। अब केवल WHO के फॉर्मूले वाले ड्रिंक्स ही 'ORS' कहलाएंगे। फलों के जूस जैसे अन्य उत्पादों पर यह लेबल लगाना प्रतिबंधित है।

हैदराबाद: हैदराबाद की एक डॉक्टर पिछले 8 सालों से नकली ORS लेबल के इस्तेमाल के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रही थीं। आखिरकार उनकी इस लड़ाई में जीत हुई है। अब FSSAI ने फूड प्रोडक्ट्स, खासकर फलों के जूस पर 'ORS' लेबल लगाने पर रोक लगा दी है। डॉक्टर शिवरंजनी संतोष की लड़ाई का नतीजा यह है कि अब सिर्फ वही ड्रिंक्स 'ORS' लेबल का इस्तेमाल कर सकती हैं, जिनमें विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा बताए गए फॉर्मूले का पालन किया गया हो। बाकी ड्रिंक्स को ORS नहीं माना जाएगा।

डॉक्टर की आंखों में आए आंसू

शिवरंजनी संतोष पिछले 8 सालों से यह लड़ाई लड़ रही थीं। आखिरकार अपनी मेहनत का फल मिलने पर वह काफी खुश हैं। नकली ORS को लेकर FSSAI का आदेश आने के बाद अपनी खुशी जाहिर करते हुए शिवरंजनी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, "मैं लोगों को गुमराह करने वाले प्रोडक्ट्स के खिलाफ लड़ती रही हूं। इस दौरान कई कंपनियों ने मेरी लड़ाई को गलत बताया और कहा कि मैं यह सब सिर्फ पब्लिसिटी के लिए कर रही हूं। मुझे बहुत आलोचना और विरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन अंत में मेरी लड़ाई सफल हुई।" यह कहते हुए उनकी आंखों में आंसू आ गए।

नकली ORS के खिलाफ सख्त कार्रवाई

फलों के जूस समेत दूसरे ड्रिंक्स पर 'ORS' का लेबल लगाकर बेचना नियमों का उल्लंघन है। क्योंकि ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) एक खास फॉर्मूले से बना ड्रिंक है, जिसमें कार्बोनेटेड समेत तय चीजें होती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस बारे में साफ तौर पर बताया है। लेकिन भारत में कई फूड प्रोडक्ट ड्रिंक्स पर ORS लिखकर बेचा जा रहा था। अब ऐसा नहीं हो पाएगा। FSSAI ने इस बारे में साफ निर्देश जारी किए हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के फॉर्मूले के मुताबिक, इसमें सही मात्रा में चीनी, नमक और पानी होना चाहिए। जो ड्रिंक्स इस फॉर्मूले का पालन नहीं करते, वे किसी भी हालत में 'ORS' का लेबल नहीं लगा सकते। FSSAI ने अपने आदेश में कहा है कि ऐसे प्रोडक्ट्स को बेचने की भी इजाजत नहीं होगी। यह आदेश 14 अक्टूबर को जारी किया गया। डिहाइड्रेशन, डायरिया, उल्टी और थकान जैसी कई समस्याओं में ORS तुरंत राहत देता है। इस ORS ड्रिंक में मौजूद ग्लूकोज तेजी से काम करता है, जिससे सेहत से जुड़ी समस्याओं में फौरन आराम मिलता है।

FSSAI ने सुझाव दिया है कि कंपनियां ORS के बजाय अपने ड्रिंक्स में मौजूद फॉर्मूले और तत्वों के आधार पर 'एनर्जी ड्रिंक', 'हाइड्रेशन ड्रिंक' या 'इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक' जैसे नाम रख सकती हैं। FSSAI ने ग्राहकों को गुमराह करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

 

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