
मुंबई. शिवसेना सांसद संजय राउत द्वारा अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला और इंदिरा गांधी को लेकर दिए गए बयान से एक ओर जहां सियासी भूचाल मचा हुआ है। वहीं, दूसरी ओर 1960 से 1980 के दशक में मुंबई अंडरवर्ल्ड के सरगना रहे हाजी मस्तान के दत्तक पुत्र सुंदर शेखर ने संजय राउत के इंदिरा पर दिए बयान को सही ठहराया है। शेखर ने कहा, "इंदिरा गांधी की करीम लाला से मुलाकात होती थी। कई अन्य नेता भी उनसे मिलने जाते थे। मेरे पिता हाजी मस्तान एक व्यापारी थे। बाला साहेब ठाकरे भी मेरे पिता के अच्छे मित्र थे।"
क्या कहा था राउत ने
शिवसेना सांसद संजय राउत ने एक मराठी अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा था कि इंदिरा गांधी, करीम लाला से और मैं दाउद इब्राहिम से मुलाकात कर चुका हूं। राउत ने कहा था कि करीम लाला से मिलने के लिए इंदिरा गांधी आती थी। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस कमिश्नर को लेकर भी बात कही थी। जिसके बाद हंगामा बरपा तो उन्होंने अपने बयान से माफी मांगते हुए कहा कि इंदिरा गांधी अंडरवर्ल्ड सरगना करीम लाला से एक पठान नेता के तौर पर मिलती थीं। मैं पूर्व प्रधानमंत्री जवारलाल नेहरू और इंदिरा गांधी का सम्मान करता हूं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं से जवाब मांगा
पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राउत के बयान पर कांग्रेस नेताओं से जवाब देने की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘क्या कांग्रेस उस समय अंडरवर्ल्ड के भरोसे चुनाव जीतती थी, क्या कांग्रेस को अंडरवर्ल्ड से फाइनेंस मिलता था। संजय राउत ने खुलासा किया है कि उस समय 1960 से 1980 तक मुंबई के कमिश्नर की नियुक्ति अंडरवर्ल्ड करता था क्या यह सच है?’’
करीम लाला पठानों के नेता थे- राउत
इसके बाद राउत ने कहा, ‘‘करीम लाला से सभी राष्ट्रीय नेता आकर मिलते थे। वे अफगानिस्तान से आए पठानों के नेता थे। उनकी समस्या जानने के लिए नेता उनसे मिलते थे। इंदिरा गांधी जी भी एक पठान नेता के तौर पर उनसे मिलती थीं। करीम लाला के दफ्तर में कई नेताओं की फोटो लगी थी। करीम लाला, अब्दुल गफार खान के साथ भी काम करते थे।
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