
नई दिल्ली. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने पदभार संभालने के बाद चुनावी प्रक्रिया में कई तरह के फेरबदल करने का सुझाव दिया है। इसमें महत्वपूर्ण यह है कि आयोग चाहता है कि एक व्यक्ति को किसी भी चुनाव में सिर्फ एक ही जगह से चुनाव लड़ने का अधिकार होना चाहिए। आयोग ने जनमत संग्रह (Opinion Polls) और एग्जिट पोल (Exit Polls) के प्रस्ताव में भी तब्दीली करने का सुझाव दिया है। चुनाव आयोग ने हाल में आधार कार्ड को मतदाता पहचान पत्र से लिंक करने के लिए अधिसूचना जारी की है। साथ ही पात्र लोगों को मतदाता पहचान पत्र के लिए आवेदन करने की लिमिट भी चार कर दी है।
कानून मंत्रालय को भेजे प्रस्ताव
चुनाव आयोग ने कानून मंत्रालय को कुल छह प्रस्ताव भेजे हैं। जिसमें मतदाता पहचान पत्र से आधार कार्ड को जोड़ने का नियम अधिसूचित किया गया है। साथ ही पात्र लोगों के लिए मतदाता के रूप में पंजीकरण करने के लिए चार कट-ऑफ तारीखों को अधिसूचित किया गया है। दिसंबर 2021 में राज्यसभा ने चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक ध्वनि मत से पारित किया। जिससे आधार कार्ड को मतदाता मतदाता सूची से जोड़ने को अनुमति दी गई। हालांकि इस पर विपक्ष ने सदन से बायकाट किया था। तब पार्टियों का आरोप लगाया था कि सरकार ने बिना पर्याप्त चर्चा के जल्दबाजी में विधेयक पारित कर दिया।
पार्टियों का पंजीकरण रद्द करने की मांग
चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों का पंजीकरण रद्द करने का अधिकार भी मांगा है। यह मांग चुनाव आयोग काफी लंबे समय से करता आ रहा है। आयोग ने यह भी कहा कि हि 2,000 रुपये से ऊपर के सभी डोनेशन सार्वजिनिक हों, पारदर्शी हों। यह सीमा वर्तमान में 20000 रुपये है। पिछले महीने ही आयोग ने पंजीकृत गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है, जिनके नाम, पते, पदाधिकारियों के नाम तक चुनाव आयोग में अपडेट नहीं हैं। ऐसे करीब 2100 राजनीतिक दलों के खिलाफ आयोग ने ग्रेडेड कार्रवाई की है।
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