
George Soros: एलन मस्क (Elon Musk) के नेतृत्व वाले अमेरिका के सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) ने भारत में वोटर टर्नआउट पहल के लिए दिए जाने वाले 21 मिलियन डॉलर (182.40 करोड़ रुपए) को रोक दिया है। इसपर भारत की चुनावी प्रक्रिया में विदेशी असर पर बहस शुरू हो गई है।
भाजपा नेता अमित मालवीय ने X पर इस फंडिंग की आलोचना की है। उन्होंने लिखा, "मतदाताओं के लिए 21 मिलियन डॉलर? यह निश्चित रूप से भारत की चुनावी प्रक्रिया में बाहरी हस्तक्षेप है। इससे किसे फायदा होगा? निश्चित रूप से सत्ताधारी पार्टी को नहीं।"
मालवीय ने 2012 की एक रिपोर्ट शेयर की। इसमें भारत के चुनाव आयोग (ईसी) और इंटरनेशनल फाउंडेशन फॉर इलेक्टोरल सिस्टम्स (IFES) के बीच समझौता ज्ञापन का उल्लेख किया गया है। मालवीय ने लिखा, "एक बार फिर, यह जॉर्ज सोरोस हैं। वह कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार के जाने-माने सहयोगी हैं। उनकी छाया हमारी चुनावी प्रक्रिया पर मंडरा रही है। 2012 में एसवाई कुरैशी के नेतृत्व में चुनाव आयोग ने IFES के साथ एक समझौता ज्ञापन पर साइन किया था। IFES जॉर्ज सोरोस के ओपन सोसाइटी फाउंडेशन से जुड़ा संगठन है।"
94 साल के जॉर्ज सोरोस अमेरिकी अरबपति हैं। उनकी कुल संपत्ति 7.2 बिलियन डॉलर है। वह हेज-फंड टाइकून हैं। सोरोस ने 1992 में ब्रिटिश पाउंड को शॉर्ट करके 1 बिलियन डॉलर कमाए थे। उनकी पहचान बैंक ऑफ इंग्लैंड को तोड़ने वाले व्यक्ति के रूप में है। सोरोस ने 2018 तक अपने परिवार की संपत्ति का 18 बिलियन डॉलर ओपन सोसाइटी फाउंडेशन में ट्रांसफर किया था। वह अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी के सबसे बड़े दानदाताओं में से एक हैं।
यह भी पढ़ें- अमेरिका प्रभावित कर रहा था भारत के वोटर्स को? 21 मिलियन डॉलर फंड रूकने के बाद खुलासा, जानें पूरी कहानी
सोरोस की एक पहचान भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ काम करने वाले व्यक्ति की है। वर्ल्ड इकनोमिक फोरम (WEF) में बोलते हुए सोरोस ने दुनिया भर में राष्ट्रवाद के उदय की आलोचना की थी। कहा था - "सबसे बड़ा और सबसे भयावह झटका भारत में लगा है। यहां लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित नरेंद्र मोदी एक हिंदू राष्ट्रवादी राज्य बना रहे हैं। कश्मीर पर दंडात्मक उपाय लागू कर रहे हैं। यह एक अर्ध-स्वायत्त मुस्लिम क्षेत्र है। लाखों मुसलमानों को उनकी नागरिकता से वंचित करने की धमकी दे रहे हैं।" सोरोस ने नरेंद्र मोदी की सरकार हटाने को लेकर भी बात कही थी। 2024 के चुनाव में एनडीए की जीत के साथ नरेंद्र मोदी फिर से सत्ता में आ गए।
यह भी पढ़ें- शशि थरूर का पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा पर सवाल-अवैध अप्रवासियों के मुद्दे पर क्या हुई चर्चा?
जॉर्ज सोरोस को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार कहा था, "जॉर्ज सोरोस न्यूयॉर्क में बैठे एक बूढ़े, अमीर, राय रखने वाले व्यक्ति हैं। वह अभी भी मानते हैं कि उनके विचारों को यह निर्धारित करना चाहिए कि पूरी दुनिया कैसे काम करती है। सोरोस एक ‘बूढ़े, अमीर, राय रखने वाले और खतरनाक’ आदमी हैं।"
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.