
नई दिल्ली. कोरोना महामारी के बीच वायरस से बचाने वाले डॉक्टर्स और पुलिसकर्मी भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। कई लोगों की जान भी जा चुकी है, जिन्हें सोशल साइट्स पर लोग श्रद्धांजलि दे रहे हैं। ऐसी ही एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि जोधपुर की रहने वाली डॉक्टर मेघा व्यास का पुणे में कोरोना वायरस की वजह से निधन हो गया। वह कोरोना से लोगों को बचा रही थीं, लेकिन इस दौरान वह खुद ही संक्रमित हो गईं। मेघा की तस्वीर के साथ यह मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। लेकिन यह झूठ है।
पहला झूठ: मेघा डॉक्टर नहीं बल्कि हाउस वाइफ थीं
मेघा व्यास के परिवार के करीबी लोगों से बात करने पर पता चला कि मेघा डॉक्टर नहीं बल्कि हाउस वाइथ थीं। डॉक्टर के नाम से झूबी खबर वायरल की जा रही है।
दूसरा झूठ: कोरोना से नहीं बल्कि हार्ट अटैक से मौत
मेघा व्यास को लेकर जो सबसे बड़ा झूठ बोला जा रहा है वह यह है कि उनकी मौत कोरोना संक्रमित होने की वजह से हुई, जबकि यह गलत है। मेघा व्यास की मौत हार्ट अटैक से हुई है।
तीसरा झूठ: 22 अप्रैल को मौत हुई
मेघा को लेकर तीसरा झूठ बोला जा रहा है कि 22 अप्रैल को उनकी मौत हुई। जबकि 22 अप्रैल को उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 23 अप्रैल को उनकी मौत हुई।
फेक न्यूज फैलने से परिवार के लोग परेशान
मेगा व्यास को लेकर फेक न्यूज फैलने से परिवार के लोग परेशान हैं। उन्होंने अपने स्तर पर तमाम सोशल मीडिया साइट्स पर इस खबर से जुड़ी सच्चाई डाली। उनका कहना है कि कोरोना की वजह से नहीं बल्कि हार्ट अटैक से मौत हुई।
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