
नई दिल्ली/जयपुर. राजस्थान के करौली में पुजारी को जिंदा जलाकर हत्या कर देने के मामले में पीड़ित के परिवार की सभी मांगों को प्रदेश सरकार ने मान लिया है। परिवार अंतिम संस्कार नहीं कर रहा था, उनकी मांग थी कि उन्हें मुआवजा, घर और नौकरी दी जाए। इसी मांग को लेकर घरवाले धरना दे रहे थे। तब एसडीम ओपी मीणा, तहसीलदार दिनेश चंद्र मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुजारी के परिजनों से मुलाकात की। प्रशासन ने परिवार को नौकरी, इंदिरा आवास, 10 लाख की आर्थिक सहायता के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी का भी आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों का धरना खत्म हो गया।
पुजारी के परिवार ने कह दिया था, मांगें पूरी नहीं हुई तो अंतिम संस्कार भी नहीं करेंगे
मृतक पुजारी के रिश्तेदार ने कहा था, हमारी मांग है कि सभी आरोपी गिरफ्तार हों और आरोपियों का समर्थन करने वाले पटवारी और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हो। हमें 50 लाख का मुआवज़ा और एक सरकारी नौकरी मिले।जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, हम अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
वहीं करौली के एसडीएम ने कहा, पुजारी के अंतिम संस्कार के लिए लोग इकट्ठा हुए हैं, उन्होंने प्रशासन और राज्य सरकार से कुछ मांगें रखी हैं हमने उच्च अधिकारियों के जरिए सरकार को मांगों से अवगत कराया है। मौत को 2 दिन हो चुके हैं इसलिए हम परिजनों से अंतिम संस्कार करने का निवेदन कर रहे थे।
राजस्थान के करौली जिले की सपोटरा तहसील मुख्यालय से करीब चार किलोमीटर दूर बूकना गांव है जहां एक मंदिर के पुजारी को जमीनी विवाद के चलते जिंदा जलाने का मामला सामने आया है। इलाज के दौरान पुजारी ने जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में गुरुवार रात दम तोड़ दिया।
मुख्य आरोपी सहित 2 लोग गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक ने कहा, मुख्य आरोपी कैलाश मीणा को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने कहा कि आरोपी मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण करना चाहता था।
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