
नई दिल्ली. गंगा में प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ अब सरकार एक्शन मूड में है। सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार गंगा की साफ-सफाई बनाए रखने के लिए बिल पेश करने की तैयारी में है। इसके तहत गंगा में प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है। खबर है कि अब ऐसा करने वालों को 5 साल की जेल तथा 50 करोड़ रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
यह है प्रावधान में
अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जलशक्ति मंत्रालय ने बिल का मसौदा तैयार कर लिया है और इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। नए बिल में 13 अध्याय हैं। जिसमें गैरकानूनी निर्माण कार्य, पानी के बहाव को रोकना, गंगा में गंदगी जैसे कई प्रावधानों को शामिल किया गया है।
50 करोड़ रुपए लगेगा जुर्माना
केंद्र सरकार द्वारा तैयार किए गए इस बिल में कहा गया है कि अगर कोई बिना अनुमति के गंगा की धारा की बहाव में रुकावट पैदा करता है तो उस पर ज़्यादा से ज़्यादा 50 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसी प्रकार यदि कोई गंगा के तट पर रहने के लिए घर या बिजनेस के लिए कोई कंसट्रक्शन करता है तो उसे पांच साल तक की जेल की सजा हो सकती है।
गंगा काउंसिल बनाने की तैयारी
रिपोर्ट की माने तो केंद्र सरकार गंगा को बचाने के लिए एक खास पुलिस फोर्स भी तैयार करने का मन बना लिया है। जो प्रधानमंत्री की देख रेख में काम करेगा जिसे नेशनल गंगा काउंसिल का नाम दिया गया है। पीएम के अलावा इस काउंसिल में उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे।
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