जीबी रोड का काला सच: दर्दनाक हकीकत, रूह कंपा देने वाली दास्तान

Published : May 14, 2025, 07:16 PM IST
sonagachi red light area Kolkata

सार

जीबी रोड के रेड लाइट एरिया की दर्दनाक कहानी सामने आई है। नाबालिग लड़कियों को इंजेक्शन देकर देह व्यापार में धकेला जा रहा है, और उन्हें अमानवीय परिस्थितियों में रखा जाता है।

महिला सशक्तिकरण की कितनी भी कोशिशें की जाएं, महिलाओं पर अत्याचार कम नहीं हो रहे। जीबी रोड जैसे रेड लाइट एरिया में जो होता है, वो रूह कंपा देता है। बच्चियों के माता-पिता की नींद उड़ा देता है। सोशल मीडिया पर रेड लाइट एरिया की एक वीडियो वायरल हो रही है, जिसमें जीबी रोड का काला सच दिखाया गया है। वहां की एक-एक घटना सुनकर खून खौल उठता है।

नाबालिग लड़कियों को इंजेक्शन: ट्रू टॉक्स यूट्यूब चैनल पर ये वीडियो पोस्ट की गई है। एक्स पर भी यूजर्स ने वीडियो क्लिप शेयर की है। समाजसेवी अतुल शर्मा ने चैनल पर जीबी रोड की दर्दनाक कहानी बताई है। उनके मुताबिक, नफरत की वजह से छोटी उम्र की लड़कियों को अगवा करके देह व्यापार में धकेल दिया जाता है। बाजार में नाबालिग लड़कियों की ज्यादा डिमांड है, यही इसकी सबसे बड़ी वजह है। वहां आने वाली लड़कियों को अपना शरीर दिखाना पड़ता है। इसलिए उन्हें खिड़की के पास खड़ा किया जाता है। यहां सिर्फ छाती मायने रखती है। नाबालिग लड़कियों को ऑक्सीटोसिन का इंजेक्शन देकर उनके शरीर के अंगों का साइज बढ़ाया जाता है। इससे नाबालिग लड़कियां जवान जैसी दिखती हैं।

एक दिन में कितने लोगों के साथ संबंध?: अतुल शर्मा के अनुसार, एक लड़की को एक दिन में 15 से 20 ग्राहकों के साथ संबंध बनाने पड़ते हैं। कई बार खूबसूरत लड़कियों को गंदे, बदबूदार और घिनौने आदमियों के पास भेजकर प्रताड़ित किया जाता है।

कंडोम का इस्तेमाल मना: जीबी रोड पर एक और नियम है। नाबालिग लड़कियों को इस धंधे में धकेलने वाले, सेक्स वर्कर्स के बच्चों से भी पैसा कमाना चाहते हैं। इसलिए, शुरुआत में लड़की को कंडोम नहीं दिया जाता। जब वो गर्भवती होकर बच्चा पैदा कर लेती है, तब उसे कंडोम दिया जाता है। मां को अपने बच्चे को देखने का भी हक नहीं होता। बच्चे को देखने के लिए हर बार 200 रुपये मालिक को देने पड़ते हैं, ऐसा अतुल शर्मा बताते हैं।

यौनकर्मियों को मिलने वाला खाना कैसा होता है?: जीबी रोड के रेड लाइट एरिया में यौनकर्मी बहुत बुरी हालत में खाना खाती हैं। कुछ लोग वहीं थूक देते हैं, तो कुछ कंडोम फेंक देते हैं। उनके खाना खाते समय ही कोई ग्राहक वहीं पेशाब कर देता है, ऐसा अतुल शर्मा बताते हैं।

समाजसेवी अतुल शर्मा के अनुसार, आजकल कई लड़कियां अपनी मर्जी से ये पेशा चुन रही हैं। महंगे फोन और आलीशान जिंदगी जीने के लिए कुछ लड़कियां ये पेशा चुनती हैं, जो बहुत दुखद है, ऐसा अतुल शर्मा कहते हैं। जीबी रोड के पास ही पले-बढ़े अतुल शर्मा ने कई लोगों की जिंदगी अपनी आंखों से देखी है। उन्होंने कई लड़कियों को बचाया भी है।

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