
मुंबई। गोवा के वागाटोर बीच नाइट क्लब में एक गंभीर विवाद सामने आया है, जिसमें टूरिस्टों ने कथित रूप से लूथरा भाइयों और क्लब स्टाफ पर हिंसा और मारपीट का आरोप लगाया है। मुंबई की वैभवी और उनके कज़न्स ने बताया कि 1 नवंबर की रात उनके साथ क्लब में डरावनी घटना हुई। वे कुल 13 लोग थे और क्लब में बहुत ज्यादा भीड़ और घुटन थी। क्लब का इंटीरियर ऐसा था कि अंदर-बाहर निकलना मुश्किल था, केवल एक एंट्री और एक एग्ज़िट था।
वैभवी ने बताया कि क्लब का ढांचा बहुत संकरा और ऊंचाई पर था, जिससे अंदर-बाहर निकलना मुश्किल था। सुबह करीब 3 बजे जब वे बाहर निकल रहे थे, तो रास्ते में एक भारी कुर्सी आ गई। उनके कज़न ने उसे अपने पैर से हटा दिया। इस पर मैनेजर बौखला गया और गुस्से में उनका कॉलर पकड़ते हुए कहा कि तुम फ़र्नीचर खराब कर रहे हो, तुम्हारी यहां रहने की हैसियत नहीं है। मैनेजर ने वैभवी के कजन से तमतमाते हुए बोला उन्हें पहले ही बाहर निकाल देना चाहिए था। उसके बाद, सभी सिक्योरिटी और बाउंसर बुला लिए गए और उन्होंने टूरिस्टों का पीछा करना शुरू कर दिया।
जैसे ही वैभवी के कजन ने माफी मांगकर जाने की कोशिश की, मैनेजर ने सभी सिक्योरिटी स्टाफ और बाउंसर को बुला लिया। बाउंसरों ने उनका पीछा किया और उन्हें मारा। वैभवी की बहन को सीने पर मारा गया और इतनी जोर से धक्का दिया कि वह सीढ़ियों से गिर गई। एंट्री गेट पर बैरिकेड लगा दिया गया ताकि वे बाहर न निकल सकें। जब उनके भाई ने बैरिकेड हटाया, तो एक बाउंसर रॉड लेकर उनकी तरफ दौड़ा और हमला किया। वैभवी ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्हें भी चोट आई।
सभी घायल होने के बावजूद उन्होंने तुरंत पुलिस स्टेशन नहीं जाने का फैसला किया। अगले दिन अंजुना पुलिस स्टेशन जाकर घटना की सूचना दी। बहुत कोशिश के बाद FIR दर्ज हुई, लेकिन दोनों क्लब मालिकों के नाम पुलिस ने हटा दिए, यह कहते हुए कि वे घटना के समय वहां मौजूद नहीं थे। वैभवी ने कहा कि यह सुरक्षा और टूरिस्ट नियमों की अनदेखी है और यदि महिलाओं और टूरिस्ट की सुरक्षा गंभीरता से नहीं ली गई, तो गोवा में ऐसे मामले लगातार होते रहेंगे।
यह घटना यह सवाल उठाती है कि क्या गोवा में टूरिस्ट और महिलाओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं। नाइट क्लब में भीड़ और एंट्री-एग्ज़िट की व्यवस्था, स्टाफ़ और बाउंसरों का व्यवहार, और पुलिस के तत्काल कदम, ये सभी बातें टूरिस्ट सुरक्षा की गंभीरता पर सवाल खड़े करती हैं।
गोवा के रोमियो लेन वागाटोर नाइट क्लब की यह घटना दिखाती है कि टूरिस्ट और महिलाओं की सुरक्षा अभी भी चुनौतीपूर्ण है। किसी भी छोटे विवाद में हिंसा का फैलाव और एफआईआर की प्रक्रिया में देरी, सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर करती है।
इस घटना के बाद यह स्पष्ट है कि गोवा में नाइट क्लबों में सुरक्षा नियमों और स्टाफ़ ट्रेनिंग में सुधार की सख्त जरूरत है। टूरिस्टों को सुरक्षित महसूस कराना और महिलाओं के प्रति संवेदनशील रवैया रखना सभी क्लबों का जिम्मा है। वैभवी ने चेताया कि अगर टूरिस्ट और महिलाओं की सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो गोवा में ऐसे मामले बार-बार हो सकते हैं।
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