भारत को सीडीएस यानी तीनों सेनाओं के एक सेनापति की जरूरत क्यों, 70 से ज्यादा देशों में है ये पद

Published : Dec 24, 2019, 04:47 PM IST
भारत को सीडीएस यानी तीनों सेनाओं के एक सेनापति की जरूरत क्यों, 70 से ज्यादा देशों में है ये पद

सार

कैबिनेट ने तीनों सेनाओं के नेतृत्व के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) की मंजूरी दे दी है। इससे तीनों सेनाओं को नेतृत्व मिलेगा। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के रूप में नियुक्त किए जाने वाला अफसर एक 4 स्टार जनरल होगा। 

नई दिल्ली. कैबिनेट ने तीनों सेनाओं के नेतृत्व के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) की मंजूरी दे दी है। इससे तीनों सेनाओं को नेतृत्व मिलेगा। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के रूप में नियुक्त किए जाने वाला अफसर एक 4 स्टार जनरल होगा। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ सैन्य मामलों के विभाग का प्रमुख भी होगा। सरकार के सूत्रों के मुताबिक, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ तीनों सेना प्रमुखों सहित किसी भी सैन्य कमान का प्रयोग नहीं करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से ऐलान किया था कि हम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) की नियुक्ति करेंगे। इसे आजादी के बाद सबसे बड़ा सैन्य बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। सीडीएस का सुझाव करगिल युद्ध के बाद आया था, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन पाई।

भारत को तीनों सेनाओं में एक सेनापति की जरूरत क्यों? 
1999 में करगिल युद्ध में पाया कि तीनों सेनाओं के बीच तालमेल की कमी रह गई थी। इसे थलसेना और वायुसेना के बीच अनबन के तौर पर देखा गया। करगिल युद्ध के बाद मंत्रियों के समूह ने रिपोर्ट पेश कर सीडीएस की सिफारिश की थी। साथ ही इस रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि तत्कालीन सेना प्रमुख तालमेल की कमी के चलते एकसूत्री रणनीति बनाने में नाकाम रहे। इसके बाद 2012 में नरेश चंद्र टास्क फोर्स चीफ ऑफ स्टाफ कमिटी (सीओएससी) और 2016 में लेफ्टिनेंट जनरल शेकटकर कमेटी ने तीनों सेना प्रमुखों के अलावा 4 स्टार जनरल के तौर पर चीफ कोऑर्डिनेटर पद की सलाह दी।

सीडीएस से देश को क्या फायदा होगा?
- युद्ध या अन्य परिस्थिति में सरकार को एक सूत्री सैन्य सलाह मुहैया होगी।
 - तीनों सेनाओं में तालमेल के अलावा सैद्धांतिक मसलों, ऑपरेशनल समस्याओं को सुलझाने में मदद मिलेगी।
- देश के सामरिक संसाधनों और परमाणु हथियारों का बेहतर प्रबंधन।

भारत की मौजूदा सैन्य प्रणाली?
अभी चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (सीओएससी) होता है। चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी में सेना, नौसेना और वायुसेना प्रमुख रहते हैं। सबसे वरिष्ठ सदस्य को इसका चेयरमैन नियुक्त किया जाता है। यह पद सीनियर सदस्य को रोटेशन के आधार पर रिटायरमेंट तक दिया जाता है। लंबे समय से चीफ ऑफ डिफेंस बनाने की मांग हो रही थी।

किन देशों में है ये सैन्य प्रणाली?
अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी समेत 70 से ज्यादा देशों में सीडीएस जैसा पद है। ये सेना की योजनाओं में एकीकरण और ऑपरेशन काफी अहम है। अमेरिका में जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ सर्वोच्च सैन्य अधिकारी का पद है, जो राष्ट्रपति का मुख्य सैन्य सलाहकार होता है। चीन ने 2016 में पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को पांच थिएटर कमांड में बदलने का फैसला किया।

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