
बेंगलुरु. बारिश 'दिवाली उत्सव' पर पानी फेरने की फिराक में है। मौसम विभाग ने देश कई राज्यों में दक्षिण पश्चिम मानसून(Southwest monsoon) की वापसी की संभावना जताई है। इस बीच कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु(Bengaluru or Bangalore) में फिर आफत की बारिश हुई है। यहां बुधवार शाम (19 अक्टूबर) को भारी बारिश ने अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। बेलंदूर के आईटी क्षेत्र सहित शहर के पूर्व, दक्षिण और मध्य भाग में कई मुख्य सड़कों पर घुटनों-घुटनों तक पानी भर गया। मौसम विभाग ने बताया कि शहर के उत्तरी हिस्से में राजामहल गुट्टाहल्ली में 59 मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यानी भारी बारिश के आसार।
(वाहनों के डैमेज होने की तस्वीरें-जेडीएस कार्यालय के पास मेट्रो रेल की दीवार गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए। बेंगलुरू मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक अंजुम परवेज ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया)
लगातार बन रहे बाढ़ जैसे हालात
इससे पहले सितंबर में लगातार भारी बारिश के बाद जलभराव देखा गया था। कई इमारतों के बेसमेंट में पानी भर गया था। मुख्य सड़कों पर इतना पानी भर गया था कि गाड़ी चलाना मुश्किल हो गया था। प्रशासन को लोगों से बेवजह घर से बाहर ना निकालने की सलाह तक देनी पड़ी थी। इससे पहले, 30 अगस्त को भी बेंगलुरू में भारी बारिश हुई थी और तब भी ऐसे ही हालात बने थे। आईटी राजधानी में इस साल भारी बारिश ने कई रिकॉर्ड तोड़े हैं। 2017 में शहर में 1,696 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इस बार अब तक 1,706 मिमी बारिश हो चुकी है।
सितंबर में हुई थी रिकॉर्ड बारिश
बेंगलुरु में सितंबर में हुई भारी बारिश से कई हिस्सों में इतना पानी भर गया था कि जैसे बाढ़ आ गई हो। शहर में बाढ़ जैसी स्थिति बनने पर शहरों की प्लानिंग को लेकर सवाल खड़े होने लगे थे। आखिर स्मार्ट सिटी पर खर्च होने वाला पैसा जा कहां रहा है? भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक सितंबर में बेंगलुरु में 131.6 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जो 8 साल पुराने रिकॉर्ड से थोड़ी ही कम थी। अकेले 26 सितंबर 2014 को शहर में 132.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।
पिछले महीने यानी सितंबर में ही कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बेंगलुरु में आई बाढ़ से निपटने के लिए 300 करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया है। बोम्मई ने एक बयान में कहा था कि फंड का इस्तेमाल सड़कों, ट्रांसफार्मर, बिजली के खंभों और स्कूलों जैसे बुनियादी ढांचों की मेनटेंस पर होगा। वाटर ड्रेन के निर्माण पर करीब 1500 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं।
इन राज्यों में बारिश के आसार
कई राज्यों में दक्षिण पश्चिम मानसून(Southwest monsoon) फिर लौटने की संभावना जताई जा रही है। इस बीच ओडिशा और बंगाल में एक नए चक्रवाती तूफान की आशंका पैदा हो गई है। मौसम विभाग ने आजकल में लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और आंतरिक कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में हल्की से मध्यम बारिश संभव है। गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, लद्दाख, जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हल्की बर्फबारी के साथ हल्की से मध्यम बारिश संभव है। उत्तराखंड में एक-दो जगहों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में हल्की बारिश संभव है।
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