
श्रीनगर. कश्मीर में सुरक्षाबलों के लिए सिर दर्द बन गया नया आतंकी संगठन लश्कर-ए-मुस्तफा के सरगना हिदायतुल्लाह मलिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ये कार्रवाई जम्मू और अनंतनाग पुलिस द्वारा की गई। लश्कर-ए-मुस्तफा, जैश-ए-मुहम्मद का ही एक हिस्सा है। बताया जा रहा है कि आतंकियों का ये नया संगठन किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने वाला था। इससे पहले अनंतनाग की पुलिस ने इसी संगठ के दो आतंकियों समेत 6 को गिरफ्तार किया था।
जम्मू एसएसपी श्रीधर पाटिल के हवाले से बताया जा रहा है कि हिदायतुल्लाह के पास से एक पिस्टल और ग्रेनेड बरामद किया गया है। उन्होंने ये भी बताया कि जब पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची तो उसने उन पर हमला कर दिया था। पुलिस की ओर भी जवाबी कार्रवाई की गई और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
आतंकियों के पास से मिली थी ये चीजें
गिरफ्तार किए गए आतंकियों की पहचान इमरान अहमद हाजम और इरफान अहमद अहंगर के रूप में की गई थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस (Jammu-Kashmir Police) ने गिरफ्तार आतंकियों के कब्जे से दो पिस्तौल, तीन मैगजीन और 116 गोलियों सहित संदिग्ध सामग्री, हथियार और गोला-बारूद बरामद के अलावा एक ऑल्टो कार भी जब्त की थी।
पुलिस ने आतंकियों के मंसूबों का किया था खुलासा
खबरों की मानें तो 6 दिन पहले पुलिस कार्रवाई के बाद पकड़े गए आतंकवादियों ने श्रीनगर जम्मू हाइवे पर बीजबेहाड़ा के पास सुरक्षाबलों के काफिले को निशाना बनाने के लिए आइईडी (IED) लगाने का मंसूबा तैयार किया था। इसके अलावा उन्होंने अनंतनाग और बीजबेहाड़ा में पुलिस और सेना के कुछ प्रतिष्ठानों पर हमले के लिए रेकी की थी।
पिछले साल सामने आई थी लश्कर-ए-मुस्तफा की गतिविधियां
अगर बात की जाए लश्कर-ए-मुस्तफा की गतिविधियों के बारे में तो इसका पिछले साल अगस्त 2020 के अंतिम सप्ताह में पता चला था। इस संगठन का कमांडर हिदायतुल्ला, जो जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले का रहने वाला है और उसका कोड नाम हसनैन है। इस संगठन के आतंकियों ने पिछले साल नवंबर में शोपियां में जेके बैंक (JK Bank) की एक कैश वैन से 60 लाख रुपए लूटे थे। इसके बाद 10 नवंबर को सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ में कैश वैन लूट में शामिल दो आतंकियों को मार गिराया था।
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