
Telangana Mangalsutra-Burqa Row. तेलंगाना में ताजा विवाद सामने आया है, जहां एक परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने के लिए हिंदू महिलाओं से मंगलसूत्र उतारने के लिए कहा गया। जबकि मुस्लिम महिलाओं को बुर्का पहनकर परीक्षा केंद्र में जाने की अनुमति दे दी गई। यह घटना 16 अक्टूबर 2022 की है। उस दिन तेलंगाना राज्य लोक सेवा परीक्षा (TSPSC) द्वारा आयोजित ग्रुप-1 की प्रारंभिक परीक्षा चल रही थी। यह मामला आदिलाबाद के विद्यार्थी जूनियर एंड डिग्री कॉलेज की है।
क्या है ताजा मामला
ऐसे समय में जब सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब विवाद पर विभाजित फैसला दिया और मामले की सुनवाई के लिए बड़ी पीठ गठित करने का फैसला किया गया है। तब तेलंगाना में फिर से बुर्का विवाद सामने आया है। आरोप है कि तेलंगाना के आदिलाबाद में एक परीक्षा केंद्र पर हिंदू महिलाओं को चूड़ियों, झुमके, पायल, पैर के अंगूठे के छल्ले, गले की चेन सहित सभी सामानों को हटाने के लिए कहा गया। कुछ महिलाओं को उनके मंगलसूत्र भी उतारने की बात भी परीक्षा के लिए तैनात सुरक्षाकर्मियों ने कही। वहीं यह भी दावा किया जा रहा है कि मुस्लिम महिलाओं को बुर्का पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश करते देखा गया और पुलिसकर्मियों समेत किसी ने भी उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की।
कब और कहां हुई यह घटना
यह घटना 16 अक्टूबर (रविवार) को तेलंगाना राज्य लोक सेवा आयोग (TSPSC) द्वारा आयोजित ग्रुप-1 प्रारंभिक परीक्षा के दौरान आदिलाबाद के विद्यार्थी जूनियर एंड डिग्री कॉलेज में हुई। घटना का एक वीडियो ट्विटर पर भी शेयर किया गया है जिसमें बुर्का पहने महिला परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर रही है। जबकि अन्य महिलाओं को केंद्र तक पहुंचने के लिए अपने गहने उतारते हुए देखा जा सकता है। भाजपा नेता प्रीति गांधी ने यह वीडियो शेयर करते हुए सवाल किया है कि परीक्षा केंद्र में बुर्के की अनुमति है लेकिन झुमके, चूड़ियां और पायल को हटवाया जा रहा है। यह तुष्टिकरण की राजनीति का चरम है। इसके बाद राज्य के अन्य भाजपा नेताओं ने भी ट्विटर का सहारा लिया और तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) सरकार पर तीखे हमले किए और कहा कि टीआरएस अल्पसंख्यक तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है। भाजपा नेताओं ने सवाल किया कि कैसे हिंदू महिला/लड़की उम्मीदवारों को चूड़ियां, पायल, पैर की अंगुली की अंगूठी, चेन, झुमके और यहां तक कि 'मंगलसूत्र' तक हटाने के लिए कहा गया जबकि संबंधित अधिकारियों ने मुस्लिम महिलाओं को 'बुर्का' पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने की अनुमति दे दी।
घटना की पुष्टि हुई
नाम न छापने की शर्त पर घटना की पुष्टि करते हुए एक कर्मचारी ने बताया कि मुस्लिम महिलाओं को बुर्का पहनकर परीक्षा देने की अनुमति थी। जबकि हिंदू महिलाओं को मंगलसूत्र सहित गहने पहनकर परीक्षा हॉल में जाने की अनुमति नहीं थी।
दूसरी ओर टीआरएस नेता कृष्णा ने दावा किया कि परीक्षा केंद्र पर सभी की समान रूप से तलाशी ली गई और भाजपा सांप्रदायिक शांति भंग करने के लिए राजनीति कर रही है। उहोंने ट्विटर पर एक वीडियो भी शेयर किया जिसमें सुरक्षाकर्मी बुर्का पहने एक लड़की की जांच कर रहे हैं। हालांकि अधिकारियों ने उसे अपना बुर्का हटाने के लिए नहीं कहा और उसे अंदर जाने दिया।
क्या कहते हैं अधिकारी
आदिलाबाद के पुलिस अधीक्षक (एसपी), डी उदय कुमार रेड्डी ने स्वीकार किया कि हिंदू महिलाओं को कुछ 'गलती' के कारण मगलसूत्र सहित अपने गहने हटाने के लिए कहा गया था और बाद में इसे सही कर लिया गया था। शुरुआत में यह एक एमआरओ (मंडल राजस्व अधिकारी) की गलती की वजह से ऐसा हुआ। जिसके कारण हिंदू महिलाओं को सभी सामान हटाने के लिए कहा गया लेकिन बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और हिंदू महिलाओं को मंगलसूत्र पहनने की अनुमति दी गई।
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