
मुंबई. पालघर में दो साधुओं और उनके ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने डीजीपी महाराष्ट्र को नोटिस जारी किया है। मानवाधिकार ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और मृतक व्यक्तियों के परिजनों को दी गई सहायता पर 4 हफ्ते के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा कि घटना सार्वजनिक रूप से लोक सेवकों द्वारा लापरवाही को दिखाती है।
अजित पवार ने कहा, घटना मानवता पर धब्बा
महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार ने पालघर घटना को मानवता पर धब्बा बताया। उन्होंने कहा कि दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलेगी। पवार ने कहा कि मामले में सीआईडी की जांच चल रही है और 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
साधु अंतिम संस्कार में भाग लेने सूरत जा रहे थे
जिन साधुओं की हत्या हुई वह लॉकडाउन के दौरान एक अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए गुजरात में सूरत जा रहे थे।
पवार ने कहा, पालघर की घटना मानवता पर धब्बा है। यह निंदनीय है।
कोरोना पर पवार, घरों में रहिए
उन्होंने लॉकडाउन पर कहा कि अगर लोग डब्ल्यूएचओ की चेतावनी को गलत साबित करना चाहते हैं, जिसमें कहा गया है कि कोरोना वायरस को लेकर आगे और खराब समय आने वाला है, तो लोगों को घरों में रहना चाहिए और गैर जिम्मेदाराना बर्ताव नहीं करना चाहिए।
संक्रमियों की संख्या बढ़ना चिंता की बात
पवार ने कहा कि मुंबई, पुणे, ठाणे और मालेगांव में कोविड-19 संक्रमितों की बढ़ती संख्या चिंता की बात है। मुंबई में 53 मीडियाकर्मियों के संक्रमित होने पर भी चिंता प्रकट की।
बिना वजह लोग सड़कों पर उतर रहे हैं
उन्होंने कहा, लोग अब भी बिना वजह सड़कों पर उतर रहे हैं। वे खुद को और परिवार के सदस्यों की जिंदगी को खतरे में डाल रहे हैं। यह रुकना चाहिए। पवार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे, डॉक्टरों और पुलिस की अपीलों के अनुरूप सामाजिक दूरी बनाकर रखने के नियम का सही तरह से पालन होना चाहिए।
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