
हैदराबाद. हैदराबाद में वेटनरी डॉक्टर दिशा से हुई हैवानियत की घटना के बाद देशभर में उबाल है। महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध को लेकर जगह-जगह पर विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है। इस बीच हैदराबाद में जघन्य घटना को अंजाम देने वाले आरोपी जेल में बंद है। जेल में बंद चार आरोपियों में से एक ने किडनी की बीमारी का इलाज मुहैया कराने की मांग की है। आरोपी चिंताकुंता चेन्नाकेशावुलू हैदराबाद की चेरलापल्ली जेल में बंद है।
मंगाए गए मेडिकल रिपोर्टस
डायलिसिस की मांग के बाद जेल प्रशासन ने मेडिकल रिपोर्ट मंगाई है। दरअसल, नारायणपेट जिले के रहने वाले चिंताकुंता ने जेल अधिकारियों को मेडिकल चेकअप के दौरान बताया कि वह हैदराबाद के निम्स यानी निजाम इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में नियमित रूप से डायलिसिस करा रहा था और वह चाहता है कि यह प्रक्रिया जारी रहे।
परिजनों ने आरोपियों से काटी कन्नी
दरिंदगी की घटना को अंजाम देने के बाद जेल में बंद चारों आरोपियों मोहम्मद आरिफ, चेन्नाकेशावुलू, जोल्लू शिवा और जोल्लू नवीन में से किसी से भी जेल में मिलने के लिए कोई परिजन नहीं पहुंचा। जेल मैनुअल के मुताबिक अंडरट्रायल कैदियों से परिवार के सदस्य मिल सकते हैं। जेल अधिकारी का कहना है, 'आरोपी उम्मीद कर रहे थे कि परिवार के कुछ लोग उनसे मिलने आएंगे लेकिन कोई नहीं आया।'
डीएलएसए से ले सकते है कानूनी मदद
हैवानियत की घटना को अंजाम देने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। जिसके बाद रंगारेड्डी जिले के वकीलों ने ऐलान किया है कि कोई भी आरोपियों का केस नहीं लड़ेगा। ऐसे में आरोपी अब डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी से मदद पर निर्भर हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'जिस तरह से बाकी कैदियों को उनके अधिकारों के बारे में बताया जाता है, उसी तरह इस मामले के आरोपियों को भी बताया गया है कि कानूनी मदद की वह मांग कर सकते हैं। उनकी गुजारिश को डीएलएसए ऐडवोकेट को सौंप दिया जाएगा, जो जेल में उनसे मुलाकात करेंगे ।' सूत्रों के मुताबिक आरोपियों को कड़ी सुरक्षा वाली एक बैरक में रखा गया है और उन्हें दूसरे विचाराधीन कैदियों से मिलने की इजाजत नहीं है।
29 नवंबर को पुलिस ने किया था गिरफ्तार
सरकारी अस्पताल में सहायक पशु चिकित्सक महिला दिशा (बदला नाम) का झुलसा शव उसके लापता होने के एक दिन बाद गुरुवार की सुबह हैदराबाद के शादनगर इलाके में पाया गया था। आरोप है उसकी हत्या किए जाने से पहले उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। जिसके बाद पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई थी। इस मामले के आरोपियों को पुलिस ने 48 घंटे के भीतर यानी 29 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में धारा 376डी, हत्या किए जाने के आरोप में धारा 302 और सबूत को नष्ट करने के आरोप में धारा 201 के तहत केस रजिस्टर किया गया है।
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