ई-पासपोर्ट का नया दौर, क्या है RFID चिप का राज?

Published : May 06, 2025, 04:25 PM ISTUpdated : May 06, 2025, 04:51 PM IST
ई-पासपोर्ट का नया दौर, क्या है RFID चिप का राज?

सार

E Passports: चिप-बेस्ड ई-पासपोर्ट अब भारत में! ज़्यादा सुरक्षा, आसान यात्रा, और नकली पासपोर्ट पर रोक। जानिए नए नियम और कहाँ से बनवाएँ।

Chip Based E Passport: (नई दिल्ली). अब पूरा देश चिप-बेस्ड ई-पासपोर्ट के ज़माने में आ गया है। इसका मकसद है दुनियाभर में घूमना-फिरना और आसान बनाना। इन पासपोर्ट में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) चिप और एंटीना लगा होता है। बताया जा रहा है कि ये चिप्स पासपोर्ट धारक की बायोमेट्रिक जानकारी समेत कई ज़रूरी डेटा स्टोर करके रखेंगे।

चिप-बेस्ड ई-पासपोर्ट आने से नकली पासपोर्ट बनाना मुश्किल हो जाएगा। इससे पासपोर्ट धारक को ज़्यादा सुरक्षा मिलेगी और धोखाधड़ी पर भी लगाम लगेगी। पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम 2.0 के तहत 1 अप्रैल 2024 को ई-पासपोर्ट का ट्रायल शुरू हो चुका है। इससे इंडिया भी जर्मनी, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम जैसे टेक्नोलॉजी में आगे देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है। इसका मुख्य मकसद है सुरक्षा और कामकाज को बेहतर बनाना।

अभी ई-पासपोर्ट चुनिंदा शहरों के पासपोर्ट ऑफिस में ही मिल रहे हैं। फिलहाल, चेन्नई, जयपुर, हैदराबाद, नागपुर, अमृतसर, गोवा, रायपुर, सूरत, रांची, भुवनेश्वर, जम्मू, शिमला जैसे शहरों के पासपोर्ट ऑफिस में आप इसे बनवा सकते हैं। इस साल की शुरुआत में केंद्र सरकार ने नए पासपोर्ट नियम भी जारी किए थे। आइए जानते हैं वो क्या हैं।

जन्म प्रमाण पत्र

1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद पैदा हुए लोगों को जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर जन्म प्रमाण पत्र देना होगा। अगर आपका जन्म अक्टूबर 2023 से पहले हुआ है, तो आप पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, स्कूल सर्टिफिकेट या सर्विस रिकॉर्ड भी दिखा सकते हैं।

पते के लिए बारकोड

अब आपका पता पासपोर्ट के आखिरी पन्ने पर नहीं छपेगा। इसकी जगह एक बारकोड होगा, जिसे स्कैन करके इमिग्रेशन अफसर आपका पता देख सकेंगे।

माता-पिता का नाम हटेगा

केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि अब माता-पिता का नाम पासपोर्ट के आखिरी पन्ने पर नहीं छापा जाएगा।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

Earthquake Today: भारत-म्यांमार सीमा के पास तगड़ा भूकंप, कोलकाता तक महसूस हुए झटके
नोएडा की डॉ. अंजना सिंह सेंगर ने श्रीलंका में जीता एशिया आइकॉन अवॉर्ड, हिंदी साहित्य को मिली ग्लोबल पहचान