
नई दिल्ली. भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन है। पीएम मोदी ने कहा, ऐसा नहीं किया गया तो देश 20 साल पीछे चला जाएगा। दरअसल पीएम मोदी की यह चिंता जायज है। इस बात की पुष्टि कोरोना पर रिसर्च करने वाली वैज्ञानिकों की एक टीम ने भी किया है। भारत में कोरोना के मामलों की स्टडी करने वाले COV-IND-19 स्टडी ग्रुप के मुताबिक,मई के दूसरे हफ्ते तक भारत में 13 लाख कोरोना के मामले आ सकते हैं।
भारत में दूसरे देशों की तुलना में अच्छा काम
रिपोर्ट में कहा गया है कि शुरुआती दौर में संक्रमण को रोकने के लिए भारत जो कोशिश कर रहा है, वह इटली और अमेरिका की तुलना में अच्छा है। हालांकि यह अनुमान, भारत के शुरुआती चरण के आंकड़ों के आधार पर है।
- रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में कोरोना केस में फर्क आ सकता है, क्योंकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि कोरोना से कितने लोग प्रभावित हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि भारत में लेकरटेस्टिंग बेहद कम है।
कम्यूनिटी ट्रांसमिशन का अनुमान लगाना मुश्किल
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में कोरोना टेस्ट कम हुए हैं। ऐसे में कम्यूनिटी ट्रांसमिशन कितना भयानक हो सकता है और भविष्य में इसके आंकड़े कितने बढ़ेंगे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।
अमेरिका और इटली से तुलना करने पर स्थिति गंभीर
रिसर्च में कहा गया है कि शुरुआत में भारत में कोरोना संक्रमण के आंकड़े कम हैं। अमेरिका और इटली जैसे दूसरे देशों में ऐसा ही पैटर्न देखा गया था। लेकिन बाद में इन देशों में विस्फोटक तेजी आई।
देश में कोरोना की स्थिती
भारत में कोरोना के 598 केस सामने आ चुके हैं। इसमें 12 लोगों की मौत हो चुकी है। 25 मार्च को उज्जैन में 65 साल की बुजुर्ग महिला की मौत हुई।
दुनिया में कोरोना वायरस
दुनिया में कोरोना वायरस के 4,34,595 केस सामने आ चुके हैं। इसमें 19 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 1,11,853 लोग कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके हैं।
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