
नई दिल्ली(New Delhi). कांग्रेस ने शनिवार को मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए दावा किया कि देश का कुल कर्ज बढ़कर 88.18 लाख करोड़ रुपये हो गया है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह रहे हैं कि 'भारत में सब अच्छा है।' पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी यह आरोप लगाया कि सरकार आम जनता को राहत देने की बजाय कॉरपोरेट जगत को राहत दे रही है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'सिर्फ यह बोल देने से सब अच्छा नहीं हो जाता कि भारत में सब अच्छा है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत का कर्ज 88.18 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह इससे पहली की तिमाही के मुकाबले करीब चार फीसदी अधिक है। यह चिंता का विषय है।'
उन्होंने कहा, 'फ्रांस की एक महारानी ने कहा था कि रोटी के बदले केक खाओ। ऐसा लगता है कि यह सरकार भी इसी रास्ते को अपना रही है। उसे जमीनी हकीकत का अंदाजा नहीं है। आम लोगों के पास पैसे नहीं है और कारपोरेट के कर में कमी कर रही है।' कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया, 'कॉरपोरेट इससे अपना बहीखाता ठीक करेंगे और निवेश नहीं करेंगे। सरकार जो कदम उठा रही है उससे कर्ज की दर बढ़ेगी। यह सरकार बहुत लघुकालिक सोच के साथ काम कर रही है।'
[यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है]
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