चंडीगढ़। एयर फोर्स डे (Air Force Day 2022) के अवसर पर चंडीगढ़ में वायुसेना के जवानों ने अपने शौर्य का प्रदर्शन किया। फ्लाइ-पास्ट कार्यक्रम का आयोजन सुखना झील परिसर में किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुमू थी। उनके साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे। सुखोई एमकेआई 30, राफेल और तेजस विमानों ने कई हैरतअंगेज हवाई करतब दिखाए। सुखोई ने फ्लेयर छोड़कर दुश्मन के मिसाइल से बचने की क्षमता का प्रदर्शन किया। राफेल ने वर्टिकल चार्ली करतब किया तो लोग देखते रह गए। आगे पढ़ें पूरी खबर...

04:54 PM (IST) Oct 08
फ्लाइ पास्ट शो के अंत में एक राफेल विमान ने वर्टिकल चार्ली करतब किया। विमान तेज रफ्तार से सीधे ऊपर की ओर उड़ा। इस दौरान विमान कई बार गोल-गोल घुमा। विमान ने करतब के दौरान फ्लेयर भी छोड़े।
04:43 PM (IST) Oct 08
सूर्य किरण टीम के विमानों के जाने के बाद सारंग टीम के हेलिकॉप्टर सुखना के आसमान में आ गए। यह दुनिया की एक मात्र सैन्य हेलिकॉप्टर डिस्पेल टीम है। चार हेलिकॉप्टरों ने एक साथ उड़ते हुए कई तरह की कलाबाजियां दिखाए
04:29 PM (IST) Oct 08
सूर्य किरण विमानों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। एक दूसरे के बेहद पास उड़ रहे विमानों ने कई फॉर्मेशन में उड़ान भरी। डायमंड फॉर्मेशन के दौरान विमानों के बीच की दूरी घटकर करीब 5 मीटर तक आ गई।
04:12 PM (IST) Oct 08
फ्लाइ-पास्ट के दौरान एक सुखोई और एक राफेल विमान ने उड़ान भरी। दोनों विमान कम रफ्तार से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। इसके बाद विपरीत दिशा में मुड़ गए। दोनों विमानों ने कई हवाई करतब दिखाए और दर्शकों की आंखों से ओझल हो गए। इसके बाद तेजस विमान ने बेहद कम दूरी में टर्न लेने की क्षमता का प्रदर्शन किया। इसके बाद राफेल विमान ने उल्टा उड़कर दिखाया। विमान ने कई हैरतअंगेज करतब दिखाए।सुखोई विमान ने डॉग फाइट के दौरान किस तरह मिसाइल से बचने के लिए फ्लेयर छोड़ा जाता है इसका प्रदर्शन किया।
04:04 PM (IST) Oct 08
जगुआर विमानों ने शमशेर फॉर्मेशन में उड़ान भरी। यह बमवर्षक विमान है। इसके बाद वज्र फॉर्मेशन में राफेल और मिराज 2000 विमानों ने उड़ान भरी। तीन सुखोई विमानों ने त्रिशूल फॉर्मेशन में उड़ान भरी।
03:58 PM (IST) Oct 08
सुपर हरक्यूलिस विमान के साथ चार सुखोई एमकेआई 30 विमानों ने उड़ान भरी। इसके बाद नेत्र फॉर्मेशन में एक अवाक्स विमान के साथ चार सुखोई और मिग-29 विमानों ने उड़ान भरी। मिग-21 बाइसन विमानों ने भी फ्लाइ पास्ट में हिस्सा लिया। उनके साथ मिग-29 विमान उड़ान भर रहे थे।
03:53 PM (IST) Oct 08
फ्लाइ-पास्ट के दौरान वायुसेना के विंटेज विमान डकोटा ने उड़ान भरी। इस विमान को उसकी ताकत के चलते परशुराम नाम दिया गया था। इसने कई लड़ाइयों में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है। इसके बाद IL-76 विमान ने उड़ान भरी। यह मालवाहक विमान है। उसके साथ दो AN-32 विमान मौजूद थे।
03:49 PM (IST) Oct 08
दो चिनूक हेलिकॉप्टर तोप लेकर आए। चिनूक का इस्तेमाल जंग के मोर्चे पर हथियारों और सैनिकों को पहुंचाने में होता है। इसके बाद एकलव्य फॉर्मेशन में भारत के कई लड़ाकू हेलिकॉप्टर एक साथ आए। सबसे आगे Mi-35 हेलिकॉप्टर था। इसके बाद अपाचे और रूद्र हेलिकॉप्टर थे।
03:44 PM (IST) Oct 08
हाल ही में वायुसेना में शामिल हुए प्रचंड हेलिकॉप्टर ने उड़ान भरी। प्रचंड स्वदेशी अटैक हेलिकॉप्टर है। तीन प्रचंड हेलिकॉप्टरों को देख लोग उत्साहित हो गए। इसके बाद तेजस विमान सुखना लेक पहुंचा। तेजस विमान ने हवाई करतब दिखाने शुरू किए तो लोग हैरान रह गए। कार्यक्रम देख रहे सभी लोगों की नजर स्वदेशी फाइटर प्लेन पर टिक गई।
03:40 PM (IST) Oct 08
वायुसेना के वी5 हेलिकॉप्टरों ने राष्ट्रध्वज लेकर उड़ान भरी। तीन हेलिकॉप्टरों ने एक साथ उड़ान भरी, इसमें से एक हेलिकॉप्टर पर तिरंगा झंडा और बाकी दो पर वायुसेना का झंडा लगा था।
03:37 PM (IST) Oct 08
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुमू और भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह इलेक्ट्रिक कार से सुखना झील परिसर में पहुंचे। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत हुई।
03:27 PM (IST) Oct 08
कार्यक्रम की शुरुआत आकाशगंगा के जवानों के जंप के साथ हुई। हजारों फीट की ऊंचाई से जवानों ने जंप किया और पैराशूट की मदद से नीचे उतरे। इसके बाद MI-17 V5 हेलिकॉप्टर झील के पास आया। उसके साथ एक बकेट जुड़ा हुआ था। हेलिकॉप्टर के पायलट ने आग बुझाने के लिए झील से पानी लेने की क्षमता का प्रदर्शन किया।