भारत आने के 43 दिन बाद 5 राफेल वायुसेना का बनेंगे हिस्सा, 6 घंटे की सेरेमनी में सर्वधर्म पूजा

Published : Sep 10, 2020, 10:24 AM ISTUpdated : Sep 10, 2020, 11:41 AM IST
भारत आने के 43 दिन बाद 5 राफेल वायुसेना का बनेंगे हिस्सा, 6 घंटे की सेरेमनी में सर्वधर्म पूजा

सार

फ्रांस से खरीदे गए 5 आधुनिक लड़ाकू विमान राफेल भारत आने के 43 दिन बाद आज अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन पर वायुसेना में शामिल किए जाएंगे। इस दौरान सर्वधर्म यानी की हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्म के अनुसार पूजा होगी।

अम्बाला. फ्रांस से खरीदे गए 5 आधुनिक लड़ाकू विमान राफेल भारत आने के 43 दिन बाद आज अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन पर वायुसेना में शामिल किए जाएंगे। इस दौरान सर्वधर्म यानी की हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्म के अनुसार पूजा होगी। इसके बाद एयर शो होगा। सेरेमनी 6 घंटे तक चलेगी। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ले भी शामिल होंगी। 

10:30 बजे से शुरू होगा एयर-शो

समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए वायुसेना ने तैयारी पूरी कर ली है। राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री थोड़ी देर में अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन में लैंड करेंगे। इसके बाद 10.30 बजे एयर शो शुरू होगा। हवा में एक के बाद एक कई विमान प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद ध्रुव हेलीकॉप्टर की सारंग टीम करतब दिखाएगी। इससे पहले 2016 में भी सारंग टीम अम्बाला में एयर शो कर चुकी है। अम्बाला के लोगों को घरों की छतों से एयर शो के करतब दिखाई देंगे।

स्वदेशी तेजस भी दिखाएंगे करतब 

राफेल के साथ अम्बाला में पहली बार स्वदेशी तेजस भी करतब दिखाएंगे। तेजस विमान में राफेल की तरह डेल्टा विंग हैं। इनके अलावा जगुआर और सुखोई-30 भी परफॉर्म करेंगे। राफेल फाइटर जेट की अम्बाला स्थित 17 गोल्डन एरो स्क्वॉड्रन में औपचारिक एंट्री इतिहास के पन्नों में दर्ज होगी। 17 साल बाद कोई रक्षा मंत्री अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन में किसी बड़े समारोह में शामिल होंगे।

राफेल की डील और भारत में डिलिवरी

भारत ने साल 2016 में फ्रांस के साथ 58 हजार करोड़ रुपए में 36 राफेल जेट की डील की थी। इनमें से 30 फाइटर जेट्स होंगे और 6 ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट होंगे। ट्रेनर जेट्स टू सीटर होंगे और इनमें भी फाइटर जेट्स जैसे सभी फीचर होंगे। भारत को जुलाई के आखिर में 5 राफेल फाइटर जेट्स का पहला बैच मिला। 27 जुलाई को 7 भारतीय पायलट्स ने राफेल लेकर फ्रांस से उड़ान भरी थी और 7 हजार किमी का सफर तय कर 29 जुलाई को भारत पहुंचे थे। 

पिछले साल दशहरे पर भारत को सौंपे गए थे राफेल

पिछले साल दशहरे पर 8 अक्टूबर को राफेल जब भारत को सौंपे गए थे, तब फ्रांस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हिंदू रीति रिवाज से शस्त्र पूजा करते हुए राफेल पर 'ओम' बनाकर नारियल चढ़ाया और धागा बांधा था। उनकी इस पूजा पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए थे। अगस्त 2003 में एनडीए सरकार में रक्षा मंत्री रहे जॉर्ज फर्नांडिस ने 73 की उम्र में मिग-21 बाइसन में उड़ान भरी थी। उस वक्त मिग-21 हादसों में लगातार पायलटों की मौत की होने की वजह से सरकार पर सवाल उठने लगे थे। इन विमानों को फ्लाइंग कोफिन तक कहा जाने लगा था।

अम्बाला में तब मिग-21 की कोबरा स्क्वाड्रन तैनात थी। जॉर्ज फर्नांडिस ने कोबरा स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर विंग कमांडर एन हरीश के साथ उड़ान भरी थी। करीब 25 मिनट की उड़ान के बाद उन्होंने इस विमान की जबरदस्त तारीफ करते हुए रियल फाइटिंग मशीन बताया था।

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