
नई दिल्ली. INX मीडिया केस में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को कल तक के लिए राहत मिल गई है। चिदंबरम को हिरासत में लेने वाली ईडी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई पूरी नहीं हो पाई। बुधवार को इस मामले पर सुनवाई होगी। तब तक के लिए चिदंबरम की गिरफ्तारी पर रोक जारी रहेगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करने के हाइकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई के गिरफ्तार करने के बाद ये याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। उधर, सीबीआई की विशेष अदालत ने चिदंबरम को चार दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। 30 अगस्त को मामले की फिर सुनवाई होगी।
सोमवार को सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने चिदंबरम की ओर से दलीलें दीं। चिदंबरम को रिमांड पर भेजे जाने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका आज सुनवाई के लिए लिस्ट नहीं हुई। पूर्व वित्त मंत्री की ओर से पेश वकील कपिल सिब्बल ने जस्टिस भानुमति की बेंच के सामने इसे मेंशन किया। जस्टिस भानुमति ने कहा, सीजेआई ने मामले की लिस्टिंग के ऑर्डर नहीं दिए।
26 अगस्त तक की रिमांड पर थे चिदंबरम
इससे पहले 22 अगस्त को सीबीआई की विशेष कोर्ट ने चिदंबरम को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इससे पहले 21 अगस्त को सीबीआई ने चिदंबरम को उनके घर से गिरफ्तार किया था। चिदंबरम की ओर से सुप्रीम कोर्ट में गिरफ्तारी, सीबीआई की हिरासत और ईडी मामले को लेकर याचिका दायर की गई है।
गिरफ्तारी से पहले कांग्रेस मुख्यालय में की थी पीसी
पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से राहत ना मिलने के बाद कांग्रेस दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि वे INX मीडिया मामले में आरोपी नहीं हैं। ना ही इस मामले में उनके और उनके परिवार के खिलाफ कोई चार्जशीट दायर की गई है। उन्हें और उनके बेटे कार्ति को इस मामले में फंसाया जा रहा है। हालांकि, वे थोड़ी देर बाद ही वहां से निकल गए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सीबीआई चिदंबरम के घर पहुंच गई। इसके बाद जांच एजेंसी ने उन्हें घर से हिरासत में ले लिया ।
क्या है मामला?
दरअसल, यूपीए 1 में चिदंबरम वित्तमंत्री थी। इस दौरान एफआईपीबी ने दो एंटरप्राइस को मंजूरी दी। INX मीडिया मामले में सीबीआई ने 15 मई 2017 को एफआईआर दर्ज की। इसमें आरोप लगाया गया कि वित्तमंत्री रहते चिदंबरम के कार्यकाल के समय साल 2007 में 305 करोड़ रुपये की विदेशी धनराशी प्राप्त करने में एफआईपीबी मंजूरी में अनियमितताएं हुईं। ईडी ने पिछले साल उनपर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.