
नई दिल्ली. चंद्रयान-2 विक्रम लैंडर के चांद पर उतरे हुए 14 दिन पूरे हो चुके हैं। शनिवार, 21 सितंबर 2019 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के प्रमुख के. सिवन ने मीडिया से इस बारे में बात की। उन्होंने कहा कि चंद्रयान 2 ओर्बिटर बेहतर तरीके से काम कर रहा है लेकिन विक्रम लैंडर से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। लैंडर में 8 प्रकार के यंत्र लगाए गए हैं, जो कि बेहतर तरीके से काम कर रहे हैं। लेकिन अब इसरो गगनयान मिशन की तैयारी कर रहा है।
2.1 किमी पहले विक्रम लैंडर से टूटा था संपर्क
बता दें, विक्रम लैंडर को 5-6 सितंबर की रात 1.55 बजे चंद्रमा पर उतारा गया था। लेकिन चांद पर उतरने के 2.1 किलोमीटर पहले ही इसरो से लैंडर का संपर्क टूट गया था। इसके बाद तमाम कोशिशों के बावजूद भी इसरो लैंडर से संपर्क करने में सफल नहीं हो पा रहा है। विक्रम 2 सितंबर को चंद्रयान-2 ऑर्बिटर से अलग हुआ था। इस मिशन को 22 जुलाई को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया था। संपर्क टूटने के बाद नासा ने चंद्रयान-2 को लेकर ट्वीट किया था, 'अंतरिक्ष कठिन है। हम इसरो के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-2 को उतारने की कोशिश की सराहना करते हैं। आपने हमें प्रेरित किया है और भविष्य में हम सौर मंडल का पता लगाने के लिए साथ काम करेंगे।'
गंगयान मिशन से देश बनेगा चौथा देश
भारत का पहला मानव अंतरिक्ष प्रोग्राम 'गगन यान' जो 2022 में छोड़ा जाएगा। इस प्रोंग्राम के तहत कुछ लोगों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। इससे पहले मानव अंतरिक्ष मिशन सिर्फ रूस, अमेरिका और चीन ने लॉन्च किया है। अगर ये प्रोग्राम सफल हुआ तो भारत अंतरिक्ष में मानव लॉन्च करने वाला दुनिया में भारत चौथा देश बन जाएगा। इस मिशन के तहत सात दिनों के लिए अंतरिक्ष में तीन सदस्यों को भेजा जाएगा।
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