
नई दिल्ली. जामिया मिल्लिया यूनिवर्सिटी में 15 दिसंबर को पुलिस की कार्रवाई के बाद से बंद चल रही क्लास आज सोमवार से शुरू हुई। लेकिन छात्रों ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर कुलपति नजमा अख्तर का दफ्तर घेर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी। जिसके बाद कुलपति ने छात्रों से बात की। इस दौरान वीसी अख्तर ने कहा कि हमारे कैम्पस में पुलिस बिना पूछे दाखिल हुई थी, मासूम छात्रों को पीटा था। पुलिस हमारी एफआईआर भी दर्ज नहीं कर रही है और हमने इस संबंध में सरकार से भी शिकायत की है। नजमा अख्तर ने कहा- जरूरत पड़ी तो हम हाईकोर्ट भी जाएंगे। इसके बाद भी छात्रों ने प्रदर्शन जारी रखा, उन्होंने कहा कि हमें कुलपति की बातों पर भरोसा नहीं है।
छात्रों और कुलपति के बीच सवाल जवाब
सवाल- सीएए और एनआरसी पर आप का स्टैंड?
जामिया वीसी- आप पढ़ाई और परीक्षाओं से संबंधित बात कीजिए।
सवाल- आप कही पुलिस की कार्रवाई गलत है।
जामिया वीसी- आप अपनी बातें मेरे मुंह से मत निकलवाइए। हम सरकार के कर्मचारी हैं।
सवाल- छात्रों की सुरक्षा के लिए क्या किया?
जामिया वीसी- केवल एफआईआर दर्ज करवाने से ही सुरक्षा नहीं हो जाती है। सुरक्षा के लिए जो भी कदम हैं, हम उठा रहे हैं।
सवाल- क्या आप हमें छोड़कर ऑस्ट्रेलिया जा रही हैं?
जामिया वीसी- मैं आपको छोड़कर कहीं नहीं जा रही।
सवाल- जे एंड के हॉस्टल खाली करने की बात अपने क्यों कही थी?
जामिया वीसी- जेएंडके हॉस्टल में बच्चे थे, मैंने फोन करके कहा कि जो भी लड़के हैं, उन्हें हॉस्टल में बुला लो। गेट पर ताला लगा दो और उन्हें बाहर मत जाने देना। आप लोग गलत बयान न दें, मैंने कभी ऐसा आदेश नहीं दिया।
सवाल- केस क्यों नहीं दर्ज हो रहा?
जामिया वीसी- हमने पुलिस को एप्लीकेशन दिया था। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। हमने अपनी शिकायत सरकार को भेजी है। कार्रवाई नहीं हुई तो हाईकोर्ट जाएंगे।
सवाल- जिन बच्चों पर एफआईआर हुई है, उनका क्या होगा?
जामिया वीसी- जिन बच्चों को पुलिस ले गई थी, हम उन्हें वापस ले आए हैं.
सवाल- हमारी लाइब्रेरी कब खुलेगी?
जामिया वीसी- लाइब्रेरी जल्द से जल्द खोल दी जाएगी, उसे ठीक करने का काम किया जा रहा है। आपके कहने पर हमने यूनिवर्सिटी खोल दी, एग्जाम की डेट भी आगे बढ़ा दी।
आश्वासन के बाद भी नहीं माने छात्र
कुलपति के आश्वासन के बाद भी विरोध कर रहे छात्र शांत नहीं हुए और कार्रवाई की मांग को लेकर उनका हल्ला जारी है। छात्रों का कहना है कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी तब तक शांत नहीं बैठेंगे।
क्या हुआ था 15 दिसंबर की रात?
नागरिकता कानून के विरोध में 15 दिसंबर की रात जामिया यूनिवर्सिटी में उग्र प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने 4 बसों समेत 8 वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। जिसके बाद पुलिस ने इनको काबू में करने की कोशिश की। लेकिन प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई और छात्रों ने पत्थरबाजी कर दी। जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। जिसमें 60 से ज्यादा छात्र जख्मी हुए।
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