
कठुआ। जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के कठुआ के रहने वाले कुलदीप सिंह 29 साल पाकिस्तान की जेल में रहने के बाद सोमवार को घर लौटे। पत्नी ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर गांव में मिठाई बांटी गई। कुलदीप ने बताया कि पाकिस्तान (Pakistan) से लगती सीमा के पास वह खेत में काम करने गए थे। लौटते वक्त रास्ता भटक जाने के चलते सीमा पार चले गए थे।
कुलदीप ने बताया कि पाकिस्तान के सैनिकों ने उसे पकड़ लिया था। उन पर जासूस होने के आरोप लगाए गए। काफी प्रताड़ित किया गया। इतने समय बाद फिर से घर लौटना दूसरा जन्म लेने से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार से मेरी अपील है कि ऐसे लोगों को भारत लाने की व्यवस्था करें जिन्होंने पाकिस्तान के जेलों में सजा पूरी कर ली है और बाहर निकलने का इंतजार कर रहे हैं।
कोट लखपत सेंट्रल जेल में थे कैद
बता दें कि कठुआ के रामकोट के मकवाल के रहने वाले कुलदीप सिंह 10 दिसंबर 1992 को लापता हो गए थे। उन्हें पाकिस्तान के कोट लखपत सेंट्रल जेल लाहौर में रखा गया था। परिवार के लोगों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला था। चार साल बाद 1996 में कुलदीप पत्र लिख पाए तब घर के लोगों को पता चला कि वह पाकस्तान के जेल में बंद हैं।
सजा पूरी होने के बाद कुलदीप को अमृतसर में वाघा सीमा से भारत में प्रवेश मिला था। अमृतसर में जांच के बाद कुलदीप को जम्मू-कश्मीर पुलिस को सौंपा गया। हालांकि जम्मू-कश्मीर पुलिस के अमृतसर आने का इंतजार कुलदीप को करना पड़ा। इसके बाद उन्हें जेआईसी जम्मू लाया गया। यहां सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उन्हें कठुआ पुलिस के हवाले किया गया, जिसने परिजनों के पास पहुंचाया। भारत आने के चार दिन बाद वह अपने परिवार के पास पहुंच पाए।
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