Pulwama Encounter: मां बोली- बेटा सरेंडर कर दे, आमिर बोला- आर्मी को आने दो-Watch Video

Published : May 15, 2025, 04:04 PM ISTUpdated : May 15, 2025, 04:13 PM IST
Three Lashkar-e-Taiba (LeT) terrorists killed in the encounter with security personnel

सार

Pulwama Encounter: जम्मू-कश्मीर के त्राल में एनकाउंटर से पहले आतंकी आमिर वानी ने अपनी मां और बहन से अंतिम वीडियो कॉल पर बात की। मां ने सरेंडर की गुहार लगाई लेकिन आमिर ने मना कर दिया। पुलवामा के तीनों आतंकी मारे गए। 

Pulwama Encounter: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा (Pulwama) ज़िले के त्राल (Tral) क्षेत्र के नादिर गांव में गुरुवार सुबह हुए एनकाउंटर में मारे गए आतंकी आमिर नज़ीर वानी (Amir Nazir Wani) का एक मार्मिक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में आमिर अपनी मां और बहन से आखिरी बार वीडियो कॉल पर बात कर रहा है और हथियार डालने की गुहार के बावजूद सरेंडर से इनकार कर देता है।

मां बोली- बेटा सरेंडर कर दो, आमिर बोला- आर्मी को आने दो, फिर देखता हूं

वीडियो कॉल पर आमिर वानी, AK-47 थामे हुए बात करता नजर आ रहा है। वीडियो कॉल पर उसकी मां और बहन ने उसे बार-बार कहा कि वह हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण कर दे। मां की आंखों में आंसू थे। कॉल पर आमिर ने जवाब दिया-आर्मी को आने दो, फिर देखता हूं।

वीडियो कॉल के दौरान आमिर ने न सिर्फ अपनी मां और बहन से बात की बल्कि अपने साथी आतंकी आसिफ अहमद शेख (Asif Ahmed Sheikh) की बहन से भी बातचीत की, जो अपने भाई की खैरियत पूछ रही थी। बताया जा रहा है कि यह कॉल उस घर से किया गया जहां वे छिपे हुए थे और जहां बाद में मुठभेड़ शुरू हुई।

 

 

तीनों आतंकी पुलवामा के, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े

इस मुठभेड़ में तीनों आतंकी मारे गए। आमिर नज़ीर वानी, आसिफ अहमद शेख और यावर अहमद भट (Yawar Ahmad Bhat), तीनों जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) आतंकी संगठन से जुड़े थे। ये पुलवामा ज़िले के ही निवासी थे। बताया जा रहा है कि सुरक्षा बलों ने पहले इन्हें आत्मसमर्पण का मौका दिया लेकिन आतंकियों ने जवाब में फायरिंग शुरू कर दी।

आसिफ के घर को उड़ाया गया था IED से

इससे पहले सुरक्षा बलों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आतंकी आसिफ शेख के घर को IED से उड़ाया था। इस ऑपरेशन को आतंकवाद के खिलाफ एक अहम कदम माना जा रहा है।

मानवता की आखिरी पुकार को ठुकरा गए आतंकी

इस वीडियो कॉल में जो दृश्य सामने आया, वह सिर्फ एक मुठभेड़ की कहानी नहीं है, बल्कि एक मां की बेबसी, एक बहन की दुआ, और एक रास्ता भटके बेटे की जिद की दास्तान भी है। आमिर के पास मौका था, जीवन का रास्ता चुनने का, पर उसने बंदूक उठाने का रास्ता चुना और अंतत: जिन गोलियों से दूसरे को शिकार बनाता था, गुरुवार को वह उसी का शिकार बन गया।

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