जाट-जीटी बेल्ट में मिला 'धोखा' मगर हरियाणा के इन इलाकों ने बचाई बीजेपी की लाज

Published : Oct 26, 2019, 07:44 AM IST
जाट-जीटी बेल्ट में मिला 'धोखा' मगर हरियाणा के इन इलाकों ने बचाई बीजेपी की लाज

सार

हरियाणा विधानसभा चुनाव में बीजेपी भले ही सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन जाटलैंड में कमल का रंग बहुत फीका रहा। इसी का नतीजा है कि बीजेपी अपने दम पर बहुमत के जादुई आंकड़े को नहीं छू पाई है। दूसरी ओर भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस ने अपना किला बचाने के साथ-साथ बीजेपी के दुर्ग 'जीटी बेल्ट' इलाके में जबरदस्त जीत हासिल कर सभी को चौंका दिया है। वहीं, इनेलो की सियासी जमीन पर कब्जा कर दुष्यंत चौटाला ने पश्चिम हरियाणा को अपना गढ़ बनाया है।

चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा चुनाव में बीजेपी भले ही सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन जाटलैंड में कमल का रंग बहुत फीका रहा। इसी का नतीजा है कि बीजेपी अपने दम पर बहुमत के जादुई आंकड़े को नहीं छू पाई है। दूसरी ओर भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस ने अपना किला बचाने के साथ-साथ बीजेपी के दुर्ग 'जीटी बेल्ट' इलाके में जबरदस्त जीत हासिल कर सभी को चौंका दिया है। वहीं, इनेलो की सियासी जमीन पर कब्जा कर दुष्यंत चौटाला ने पश्चिम हरियाणा को अपना गढ़ बनाया है।

हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों में से बीजेपी को 40, कांग्रेस को 31, जेजेपी को 10, निर्दलीय 7, हरियाणा जनहित पार्टी को 1 और इनेलो को 1 सीट पर जीत मिली है। कांग्रेस ने जीटी बेल्ट और जाटलैंट इलाके में जीत दर्ज की है तो बीजेपी दक्षिण हरियाणा और पश्चिम हरियाणा की बदौलत दूसरी बार सत्ता की दहलीज पर खड़ी है।

जीटी बेल्ट: कांग्रेस ने छीना बीजेपी की जमीन
हरियाणा के जीटी बेल्ट (पंजाबा से लगे इलाके) में पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, करनाल, पानीपत और कैथल जिले आते हैं। इस इलाके में कुल 27 विधानसभा सीटें आती हैं. 2014 में बीजेपी ने इस इलाके की बदौलत ही सरकार बनाई थी, लेकिन इस बार यहां कमल नहीं खिल सका है। जीटी बेल्ट इलाके की 27 में से बीजेपी को 14, कांग्रेस को 9, जेजेपी को 2 और निर्दलीय को 2 सीटों पर जीती मिली है। 2014 में यहां से बीजेपी 22 सीटें जीती थी। जबकि, कांग्रेस-इनेलो को एक-एक सीट और तीन निर्दलीय जीते थे। यहां बीजेपी को आठ सीटों का नुकसान हुआ है तो कांग्रेस को इतनी ही सीटों का फायदा मिला है।

जाटलैंड: हुड्डा का जादू बरकरार
हरियाणा के जाटलैंड इलाके में रोहतक, सोनीपत, झज्जर, जींद, भिवानी और चरखी दादरी जिले आते हैं। इस इलाके में कुल 25 विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमें से बीजेपी को 7, कांग्रेस 12, जेजेपी को 4 और निर्दलीय 2 सीटों पर जीत दर्ज की है। जबकि 2014 में जाटलैंड इलाके में बीजेपी ने 8, कांग्रेस ने 11, इनेलो ने 5 और एक सीट पर निर्दलीय ने जीत दर्ज की थी। इस तरह से कांग्रेस की एक सीट बढ़ी है तो बीजेपी को एक सीट का नुकसान उठाना पड़ा है। इनेलो की जगह जेजेपी ने हड़प ली है।

दक्षिण हरियाणा: कांग्रेस को बढ़त तो बीजेपी यथावत
दक्षिण हरियाणा के तहत गुड़गांव, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल और फरीदाबाद जिले आते हैं। इस इलाके में 23 विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमें से बीजेपी को 15, कांग्रेस को 6 और दो सीटें अन्य को मिली हैं। 2014 के चुनाव में इस इलाके की 14 सीटें बीजेपी को मिली थी तो कांग्रेस के हाथ 4 सीटें आई थीं। इसके अलावा चार इनेलो और एक सीट निर्दलीय ने जीती थी। इस तरह से कांग्रेस को दो सीटों का फायदा हुआ है तो बीजेपी को भी एक सीट का लाभ मिला है। दक्षिण हरियाणा में बीजेपी का प्रदर्शन दूसरे इलाकों से बेहतर रहा।

पश्चिम हरियाणा: जेजेपी का बना गढ़
पश्चिम हरियाणा में के तहत हिसार, सिरसा, फतेहाबाद जिले आते हैं। इस इलाके में कुल 15 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से बीजेपी को 4, कांग्रेस को 3 और जेजेपी को पांच सीटें आई हैं। इसके अलावा इनेलो को एक सीट मिली है और एक सीट पर गोपाल कांडा ने जीत दर्ज की है। जबकि 2014 के चुनाव में बीजेपी को 3 सीटें मिली थीं और इनेलो को 8 सीटें मिली थी। कांग्रेस इस इलाके में खाता भी नहीं खोल सकी थी। ऐसे में कांग्रेस ने अपने प्रदर्शन को बेहतर किया है तो बीजेपी को एक सीट का फायदा हुआ है। 

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

Viral Video: बेंगलुरु में महिलाओं का हाई वोल्टेज ड्रामा, सरेआम कैब ड्राइवर को पीटा, पुलिस के सामने भी देती रहीं गालियां
Gaurav Gogoi Pakistan link: क्या है कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई का पाकिस्तान लिंक विवाद? अब आगे क्या होगा