
Youm-e-Istehsal Hypocrisy: जम्मू-कश्मीर के कश्मीरी मुस्लिम सामाजिक कार्यकर्ता जावेद अहमद बेग ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पर तीखा हमला बोला है। पाकिस्तान द्वारा हर साल मनाए जाने वाले Youm-e-Istehsal (5 अगस्त) को उन्होंने पाखंड करार दिया और इसे कश्मीर मुद्दे के नाम पर दशकों से चले आ रहे पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा का हिस्सा बताया। जावेद बेग खुद कोशुर-भाषी कश्मीरी मुस्लिम हैं।
जावेद अहमद बेग ने पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा: 1947 से ही पाकिस्तान कश्मीर को नफरत का औजार बनाता आया है। पाकिस्तान ने कश्मीर को हमेशा अपनी सुरक्षा-आधारित नफरत की राजनीति का हथियार बनाया है। उसकी पूरी पहचान ही हिंदुओं और भारत के खिलाफ घृणा फैलाने पर टिकी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का अस्तित्व ही हिंदुओं से घृणा और जिहाद की भावना के आधार पर बनाया गया और कश्मीर को जबरन इस नरेटिव में फिट किया गया।
बेग ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना और ISI ने कश्मीर मुद्दे का इस्तेमाल कर पाकिस्तान की लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कब्जा जमाया। उन्होंने कहा: इन्होंने कश्मीरियों के दिलों में बंदूक, ज़हर और कट्टरता भरी और हमारी मिलीजुली संस्कृति (Composite Culture) को खत्म कर दिया।
जावेद बेग ने कहा कि पाकिस्तान ने अपने समर्थित आतंकवादियों और कट्टरपंथियों के जरिए कश्मीरी पंडितों और कश्मीरी मुस्लिमों के बीच की एकता को नष्ट कर दिया। पाक ने घाटी में धार्मिक अतिवाद और हिंसा को जन्म देकर लाखों जिंदगियों को बर्बाद किया।
बेग ने कश्मीर में ड्रग्स महामारी को पाकिस्तान की एक और साजिश बताया। उन्होंने दावा किया कि घाटी में 13 लाख कश्मीरी मुस्लिम नशे की गिरफ्त में हैं। इनमें से 5 लाख महिलाएं हैं। 90% ड्रग्स अफगानिस्तान से पाकिस्तान के जरिए LoC पार कर घाटी में आते हैं।
बेग ने कहा कि अनुच्छेद 370 के हटने के बाद घाटी के युवा अब शांति और प्रगति के माहौल में पल रहे हैं। आज का कश्मीरी युवा, भारत की मुख्यधारा से जुड़ चुका है – IT, आर्ट्स, खेल और शिक्षा में आगे बढ़ रहा है।
जावेद बेग ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) और गिलगित-बाल्टिस्तान (PoGB) में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने वहां के लोगों को दूसरे दर्जे का नागरिक बना रखा है। ना लोकतंत्र, ना आवाज़ – बस शोषण और फौजी राज।
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