
नई दिल्ली. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में रविवार शाम हुई हिंसा के बाद से पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आती जा रही है। एक ओर जहां दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम इस मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं, घटना के राज से पर्दा हटता जा रहा है। दरअसल, रविवार की देर शाम लाठी-डंडे, हॉकी स्टिक से लैस नकाबपोश हमलावरों ने यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स और टीचरों को बेरहमी से पीटा। इस घटना में छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष समेत 20 से ज्यादा छात्र और टीचर गंभीर रूप से घायल हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक 150 से ज्यादा हमलावरों नें छात्रों पर कहर बरपाया है।
सर्वर रूम हुआ लॉक
जेएनयू में फीस बढ़ोतरी को लेकर लंबे समय से प्रोटेस्ट चल रहा है। बताया जा रहा है कि शनिवार को जेएनयू छात्र संघ ने सर्वर रूम को लॉक कर दिया था। इसको लेकर एबीवीपी और लेफ्ट विंग के स्टूडेंट्स में हल्की झड़प हुई थी। रविवार को जेएनयू छात्र संघ की ओर से साबरमती हॉस्टल से मार्च निकाला जाना था। इस दौरान यहां हिंसा हुई।
इंटरनेट बंद होने से नहीं हुआ रजिस्ट्रेशन
जेएनयू एबीवीपी प्रेसिडेंट दुर्गेश कुमार ने कहा कि लेफ्ट विंग के छात्रों ने एबीवीपी के छात्रों के साथ मारपीट की है, जो बेहद ही निंदनीय घटना है। रविवार को रजिस्ट्रेशन का आखिरी दिन था। एबीवीपी के छात्र रजिस्ट्रेशन के लिए गए थे, लेकिन इंटरनेट बंद होने के चलते चलते रिजस्ट्रेशन नहीं हो पाया है।
11 छात्र लापता
जेएनयू एबीवीपी प्रेसिडेंट ने कहा कि इसके विरोध में संगठन के छात्र विवेकानंद मूर्ति के पास रजिस्ट्रेशन की मांग कर रहे थे। इस बीच लेफ्ट के लोग आकर एबीवीपी के लोगों पर हमला कर दिया। दुर्गेश ने कहा कि पुलिस कैंपस में नहीं आ रही है। एबीवीपी से जुड़े 11 छात्र भी लापता है। हमारी मांग है कि हमें सुरक्षा दी जाए. कैंपस में डर का माहौल है।
एक दूसरे पर लगे आरोप
जेएनयू छात्रसंघ का कहना है कि उनकी अध्यक्ष आइशी घोष और कई दूसरे स्टूडेंट्स को ABVP के सदस्यों ने पीटा है। इस दौरान कुछ तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए. जेएनयूएसयू ने दावा किया कि साबरमती और अन्य हॉस्टल में ABVP ने एंट्री कर छात्रों की पिटाई की। साथ ही ABVP की ओर से पथराव और तोड़फोड़ भी की गई। जेएनयूएसयू का कहना है कि तोड़फोड़ करने वाले लोगों ने चेहरे पर नकाब पहना हुआ था।
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