Karnataka: सीएम सिद्धारमैया को MUDA केस में मिली क्लीन चिट, लोकायुक्त ने कहा- 'कोई सबूत न मिला'

Published : Feb 19, 2025, 04:52 PM IST
Karnataka: सीएम सिद्धारमैया को MUDA केस में मिली क्लीन चिट, लोकायुक्त ने कहा- 'कोई सबूत न मिला'

सार

लोकायुक्त पुलिस ने MUDA मामले में सिद्धारमैया, उनकी पत्नी और अन्य के खिलाफ कोई सबूत नहीं पाया है। 138 दिनों की जांच के बाद यह रिपोर्ट आई है, जिसमें 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई थी।

Karnataka CM Siddaramaiah: लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार को कहा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उनकी पत्नी और अन्य के खिलाफ MUDA मामले में कोई सबूत नहीं मिला है। लोकायुक्त पुलिस का यह बयान बेंगलुरु में अपने मुख्यालय को जांच के लिए अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लगभग एक हफ्ते बाद आया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके परिवार से जुड़े मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (Muda) साइट आवंटन मामले की 138 दिनों की व्यापक जांच के बाद रिपोर्ट सौंपी गई थी।

बेंगलुरु में निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए एक विशेष अदालत के निर्देश के बाद सितंबर 2024 में शुरू की गई लोकायुक्त जांच का नेतृत्व मैसूरु लोकायुक्त के पुलिस अधीक्षक टीजे उदेश ने किया था।

जांचकर्ताओं ने सिद्धारमैया MUDA मामले में 100 से ज्यादा लोगों से की पूछताछ

जांचकर्ताओं ने नौकरशाहों, राजनेताओं, सेवानिवृत्त अधिकारियों, मुडा अधिकारियों और सिद्धारमैया, उनकी पत्नी बीएम पार्वती और बहनोई बीएम मल्लिकार्जुन स्वामी जैसे प्रमुख लोगों सहित 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की थी।

उनके बयान वीडियो-रिकॉर्ड किए गए और अंतिम रिपोर्ट में दर्ज किए गए। सूत्रों ने टीओआई को बताया, "विवादित संपत्ति, साइट आवंटन और अधिसूचना प्रक्रियाओं से संबंधित कुल मिलाकर 3,000 से अधिक पृष्ठों के दस्तावेजों की जांच की गई।"

राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने दी थी सिद्धारमैया के खिलाफ जांच की मंजूरी 

विशेष अदालत ने पिछले साल 27 सितंबर को राज्यपाल थावर चंद गहलोत द्वारा सिद्धारमैया की जांच के लिए मंजूरी देने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा की याचिका पर सिद्धारमैया और तीन अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था।

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने राज्यपाल के फैसले को बरकरार रखा। जांच में आईपीसी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध अधिनियम और कर्नाटक भूमि हथियाने निषेध अधिनियम के तहत कथित उल्लंघनों को शामिल किया गया है।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

UGC के नए नियम पर क्यों मचा है घमासान? आसान भाषा में समझें पूरा विवाद
India-European Trade Deal: कार, वाइन, पास्ता, इंडिया-EU डील में क्या-क्या सस्ता?