विधायक बनने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री के 2 बेटे आमने-सामने, एक को BJP ने तो दूसरे को कांग्रेस ने दिया टिकट

Published : Apr 13, 2023, 07:34 PM ISTUpdated : Apr 14, 2023, 09:15 AM IST
S Bangarappa with his two sons

सार

दो भाई राज्य की सोरबा विधानसभा सीट से एक दूसरे से भिड़ेंगे। एक दूसरे के खिलाप मोर्चा खोलने वाले भाईयों की पीठ पर बीजेपी और कांग्रेस का हाथ है।

Karnataka Assembly Election 2023: कर्नाटक विधानसभा चुनाव में विरासत की भी जंग छिड़ी हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने अपनी विरासत को बेटे विजयेंद्र को सौंपते हुए शिकारीपुर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतार दिया है लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री एस.बंगारप्पा के बेटे, पिता की राजनीतिक विरासत के लिए जनता की अदालत में हैं। दो भाई राज्य की सोरबा विधानसभा सीट से एक दूसरे से भिड़ेंगे। एक दूसरे के खिलाप मोर्चा खोलने वाले भाईयों की पीठ पर बीजेपी और कांग्रेस का हाथ है।

पूर्व सीएम एस बंगारप्पा की परंपरागत सीट रही है सोरबा

शिवमोग्गा जिले की सोरबा विधानसभा सीट, पूर्व मुख्यमंत्री एस.बंगारप्पा की परंपरागत सीट रही है। वह इस सीट से 1967 से 1994 तक विधायक चुने जाते रहे हैं। इसके बाद वह संसदीय चुनाव में उतरे। 1996 में एस बंगारप्पा के सांसद चुने जाने के बाद उनके बेटे कुमार बंगारप्पा इस सीट से चुनाव लड़े। उपचुनाव में वह विजयी हुए।

बंगारप्पा के सांसद चुने जाने के बाद कुमार हुए विधायक

दरअसल, पूर्व सीएम एस बंगारप्पा के सांसद चुने जाने के बाद कुमार बंगारप्पा यहां इस सीट पर हुए उपचुनाव में विजयी हुए। 1996 के उपचुनाव के बाद 1999 में भी कुमार बंगारप्पा विधायक चुने गए। लेकिन इसके बाद हुए चुनाव में पिता की विरासत पर हक जताते हुए कुमार बंगारप्पा को चुनौती देने मधु बंगारप्पा भी पर्चा दाखिल कर चुनाव लड़ गए। एस बंगारप्पा के जीवित रहते दोनों भाई एक दूसरे के खिलाफ लड़ते हुए पारिवारिक झगड़े को जनता के बीच तक पहुंच गए। लेकिन 2004 का चुनाव कुमार बंगारप्पा तीसरी बार जीत गए। हालांकि, 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में मधु ने कुमार बंगारप्पा को हरा दिया। लेकिन अगले ही चुनाव 2018 में कुमार बंगारप्पा फिर चुनाव जीत गए। कुमार, चार बार - 1996 (उपचुनाव), 1999, 2004 और 2018 में सोराबा के विधायक बनें और मंत्री के रूप में राज्य सरकार में भी काम कर चुके हैं। मधु बंगारप्पा केवल 2013 में विधायक बने थे।

एक बार फिर दोनों आमने सामने

इस बार फिर दोनों भाई आमने सामने हैं। कुमार बंगारप्पा को बीजेपी ने इस बार चुनाव मैदान में उतारा है तो मधु बंगारप्पा को कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया है। 2018 के विधानसभा चुनाव में कुमार बंगारप्पा ने अपने भाई मधु बंगारप्पा को महज 3286 वोटों से हराया था। कुमार 2018 के चुनाव के पहले कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए थे जबकि मधु बंगारप्पा जेडीएस से चुनाव मैदान में थे। लेकिन इस बार मधु कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। वह 2021 में कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हैं दोनों

दोनों भाई राजनीति के अलावा कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री से जुडे़ हुए हैं। कुमार बंगारप्पा एक मशहूर अभिनेता हैं तो मधु अभिनेता के साथ साथ फिल्म निर्माण भी कर चुके हैं। हालांकि, राजनीति में दोनों ने कई पार्टियां बदली है। कुमार बंगारप्पा कांग्रेस और बीजेपी में रहे हैं तो मधु बीजेपी, जेडीएस और समाजवादी पार्टी में रहे हैं।

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